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पश्चिम एशिया संकट के बीच कॉरपोरेट ट्रैवल पर जोर, घरेलू यात्रा पर फोकस बढ़ा

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कंपनियां, लागत के बढ़ते दबाव के बीच अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए यात्रा प्रबंधन सेवाओं पर जोर दे रही हैं

Last Updated- April 01, 2026 | 10:15 PM IST
corporate travel

पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के असर के कारण बड़ी ट्रैवल कंपनियों का जोर उस तरह की यात्राओं की बुकिंग पर अधिक कंपनियों के कामकाज संबंधी यात्रा (कॉरपोरेट ट्रैवल) पर ज्यादा हो सकता है। इस संकट से बाहरी यात्रा के लिए हवाई किराये में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अवकाश यात्रा पर भी कुछ असर पड़ सकता है विशेष रूप से विदेशी यात्राओं पर। हालांकि, घरेलू कॉरपोरेट यात्रा को बढ़ावा मिल सकता है लेकिन कंपनियां इस क्षेत्र में खर्चों की प्रभावी प्रबंधन पर जोर दे रही हैं क्योंकि वैश्विक कारकों के कारण संचालन की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है।

मेकमाईट्रिप के मुख्य विपणन अधिकारी और प्रमुख कारोबारी अधिकारी (कॉरपोरेट, फ्लाइट और जीसीसी) राज ऋषि सिंह ने कहा, ‘आधुनिक दौर की कॉरपोरेट यात्रा वास्तव में यात्रा में सुधार का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों को कम यात्रा करने के लिए कहा जाए बल्कि सीमित बजट में इसका अधिक लाभ उठाने की बात की जाती है।’ मेकमाईट्रिप ने वर्ष 2025 में अपने कॉरपोरेट मंच क्वेस्ट2ट्रैवल, माईबिज और हैप्पी के जरिये 1 अरब डॉलर से अधिक बुकिंग की जो इस क्षेत्र की संभावनाओं को उजागर करता है।

देश के ट्रैवल उद्योग में भारत के कॉरपोरेट यात्रा के बाजार की हिस्सेदारी लगभग 30 फीसदी है जो कुल बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आईएमएआरसी रिपोर्ट के अनुसार, भारत का बिजनेस ट्रैवल बाजार, वर्ष 2025 में 44.61 अरब डॉलर का होगा, जो वर्ष 2034 तक 81.54 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है और वर्ष 2026-2034 के बीच इसकी वार्षिक वृद्धि दर 6.93 फीसदी रहेगी।

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में खत्म हुई तिमाही में कंपनियों की आमदनी मजबूत रही और चौथी तिमाही में लगातार दो अंकों की वृद्धि देखी गई। भले ही पश्चिम एशिया संकट जारी रहे लेकिन ब्रोकिंग कंपनियों का मानना है कि आय मजबूत बनी रहेगी। कोट्रैव के सह संस्थापक और मुख्य तकनीकी अधिकारी विनोद कुमार साह ने कहा, ‘कारोबारी प्रदर्शन और कॉरपोरेट यात्रा की मांग के बीच एक स्पष्ट संबंध है। जब कंपनियों की आय बेहतर होती है और उनके लिए विस्तार के अवसर मजबूत होते हैं तब यात्रा की मांग आमतौर पर बढ़ती है।’

ग्लोबल बिजनेस ट्रैवल एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2024 में भारत का व्यावसायिक यात्रा खर्च अनुमानित रूप से 38.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया था जिससे यह दुनिया का कॉरपोरेट ट्रैवल पर खर्च करने वाला आठवां सबसे बड़ा देश बन गया। यह वृद्धि, विमानन क्षेत्र के बुनियादी ढांचा में सुधार, होटल इन्वेंटरी में विस्तार और मीटिंग, प्रोत्साहन, कॉन्फ्रेंस और एक्जिबिशन (एमआईसीई) क्षेत्र में उभार के कारण हो रही है। साह ने कहा, ‘जैसे-जैसे किसी कंपनी का दायरा बढ़ता है वैसे ही क्लाइंट के संपर्क में लगातार बने रहे, परियोजना का काम पूरा करने और आंतरिक सहयोग के साथ-साथ बाजार विस्तार के लिए यात्राएं महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में यह एक अहम काम बन जाता है जो कोई वैकल्पिक खर्च नहीं है।’

इस क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां अब यात्रा में प्रभावशीलता, लागत अनुकूलन और कर्मचारियों के अनुभव पर अधिक ध्यान दे रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप संरचित और तकनीकी रूप से सक्षम यात्रा प्रबंधन समाधान को अधिक अपनाया जा रहा है। साह ने इस पर भी सहमति जताई कि अधिक कॉरपोरेट घराने नए दौर के समाधानों को अपना रहे हैं ताकि अनुपालन का स्तर बढ़ सके और खर्च में सेंध कम लगे। उन्होंने कहा, ‘हम भी इस मांग के साथ तालमेल बैठाने के लिए डिजिटल उपकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’

घरेलू कॉरपोरेट यात्रा लगातार मजबूत होने के साथ ही तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बना हुआ है। इसे आर्थिक विकास, बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों और विभिन्न उद्योगों में विभिन्न शहरों में कामकाज के विस्तार का समर्थन मिल रहा है। जैसे-जैसे कॉरपोरेट यात्रा बढ़ रही है, ट्रैवल एग्रीगेटर कंपनियां भी इस क्षेत्र पर अपना ध्यान बढ़ा रही हैं। वे बेहतर वैल्यू ऑफर और डिजिटल उपकरण उपलब्ध करा रही हैं, ताकि कंपनियां अपने यात्रा खर्चों को अधिक प्रभावी तरीके से प्रबंधित कर सकें।

मेकमाईट्रिप के अधिकारी राज ऋषि सिंह ने कहा, ‘हम इस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं और कॉरपोरेट क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं। हमारी खासियत यह है कि हम एकीकृत सेवाएं देते हैं मसलन माईबिज के जरिये बुकिंग से लेकर हैप्पी के माध्यम से खर्च प्रबंधन तक। इससे कंपनियों को एक ही मंच पर अपने यात्रा खर्चों की पूरी जानकारी लेने से लेकर नियंत्रण करने तक मिलता है।’

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First Published - April 1, 2026 | 10:10 PM IST

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