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Assam floods: असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, पटरी पर लौट रहा जनजीवन

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प्रशासन ने 13 जिलों में 172 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, जहां फिलहाल 58,816 विस्थापित लोग रह रहे हैं।

Last Updated- July 15, 2024 | 10:50 AM IST
Assam floods: असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, पटरी पर लौट रहा जनजीवन
Representative Image

असम के विभिन्न हिस्सों में जलस्तर तेजी से घटने की वजह से बाढ़ की स्थिति में सुधार जारी है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग के गुवाहाटी में स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने भी बराक घाटी और मध्य असम के कुछ जिलों में बारिश के पूर्वानुमान के अलावा कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

इस बीच, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने रविवार रात को जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि करीमगंज जिले के करीमगंज और नीलामबाजार राजस्व सर्किल में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में इस साल बाढ़, भूस्खलन, तूफान और बिजली गिरने से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 109 हो गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कछार, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलपारा, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, करीमगंज, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी और शिवसागर जिलों में बाढ़ के कारण 5,97,600 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

इसमें कहा गया है कि कछार में सबसे अधिक करीब 1.16 लाख लोग प्रभावित हैं। इसके बाद धुबरी में करीब 81,500 लाख लोग और नगांव में 76,000 से अधिक लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। एएसडीएमए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘राज्य के लगभग सभी जलमग्न क्षेत्रों से बाढ़ का पानी कम हो रहा है। चूंकि बारिश रुक गई है इसलिए स्थिति में और सुधार होने की संभावना है।”

प्रशासन ने 13 जिलों में 172 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, जहां फिलहाल 58,816 विस्थापित लोग रह रहे हैं। एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में असम में 1,342 गांव जलमग्न हैं और 25,367.61 हेक्टेयर फसल क्षेत्र क्षतिग्रस्त हो गया है। अभी ब्रह्मपुत्र नदी निमाटीघाट, तेजपुर और धुबरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

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First Published - July 15, 2024 | 10:50 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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