facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

यात्रा खर्च घटाएं, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें बैंक व वित्तीय संस्थान

Advertisement

सर्कुलर में कहा गया है, ‘अगर भौतिक बैठकों की खास जरूरत न हो तो सभी बैठकें, समीक्षा और परामर्श व प्रस्तुतियां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएं।’

Last Updated- May 18, 2026 | 11:12 PM IST
Ministry of Finance

वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने सोमवार को एक सर्कुलर जारी कर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों , क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों  और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों  को मितव्ययिता के उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसमें यात्रा संबंधी खर्चों में कटौती करना और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के उपयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।

सर्कुलर में कहा गया है, ‘अगर भौतिक बैठकों की खास जरूरत न हो तो सभी बैठकें, समीक्षा और परामर्श व प्रस्तुतियां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएं।’

इस सर्कुलर को बिज़नेस स्टैंडर्ड ने देखा है।  आदेश में यह भी कहा गया है कि संगठनों के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी सहित शीर्ष अधिकारियों की विदेश यात्रा भी तय सीमा से कम रखी जानी चाहिए और जहां तक संभव हो, विदेश में होने वाली बैठकों में वर्चुअली भाग लिया जाना चाहिए। इसके अलावा सरकार ने संगठनों से इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में तेजी लाने को भी कहा है।

आदेश में कहा गया है, ‘सभी संगठनों को अपने प्रधान कार्यालयों और शाखा कार्यालयों में अपने द्वारा किराए पर लिए गए पेट्रोल और डीजल वाहनों को यथासंभव इलेक्ट्रिक कारों से बदलने का लक्ष्य रखना चाहिए।’

इसके अलावा मंत्रालय ने सरकारी वित्तीय संस्थानों से कहा कि ‘वाहनों के मौजूदा बेड़े को चरणबद्ध तरीके से ईवी में परिवर्तित किया जाए।’ सर्कुलर में कहा गया है कि वित्तीय सेवा विभाग के सचिव की मंजूरी के बाद ये उपाय तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

मितव्ययिता अभियान केवल वित्तीय सेवा विभाग तक ही सीमित नहीं है। उर्वरक विभाग ने एक आंतरिक नोट में यह भी कहा कि कर्मचारियों को कार-पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो रेल सुविधाओं का उपयोग करने और जहां तक संभव हो घर से काम को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। अधिकांश बैठकें अब वर्चुअली आयोजित की जानी चाहिए और कर्मचारियों को घरेलू पर्यटन के लिए जाकर विदेशी मुद्रा में योगदान करने की सलाह दी जाती है।

विभाग ने यह भी कहा कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों से जुड़े कर्मचारियों को रासायनिक उर्वरकों की खपत को 25-50 प्रतिशत तक कम करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

उधर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मितव्ययिता अभियान के हिस्से के रूप में 1 जून से 15 दिनों की अवधि के लिए राष्ट्रव्यापी ‘सेव फार्म्स अभियान’ शुरू करने की घोषणा की। किसानों के बीच संतुलित और जरूरत के आधार पर उर्वरक उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करने पर अभियान का ध्यान होगा, ताकि मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार हो और अत्यधिक इनपुट के उपयोग को कम किया जा सके।


(साथ में एजेंसियां)

Advertisement
First Published - May 18, 2026 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement