facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

Bengaluru: पानी की किल्लत के बीच दो-तीन दिन में एक बार नहा रहे लोग, खाना बाहर से ऑर्डर करने को मजबूर

पानी की कमी बेंगलुरु में एक गंभीर समस्या बन गई है, जिसका असर अब रेस्तरां और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट पर भी पड़ रहा है।

Last Updated- March 15, 2024 | 4:33 PM IST
Tap

भारतीय की सिलिकॉन वैली बेंगलुरु सिटी आज कल एक बड़े जल संकट का सामना कर रही है। घरों में पानी की कमी के कारण, लोगों को अलग-अलग विकल्प तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। दो से तीन दिनों में नहानाऔर रेस्तरां से खाना ऑर्डर करना आम बात हो गई है। यहां तक कि ऊंचे अपार्टमेंट में रहने वाले लोग भी पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं।

पानी की कमी बेंगलुरु में एक गंभीर समस्या बन गई है, जिसका असर अब रेस्तरां और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट पर भी पड़ रहा है। रेस्तरां पानी के अधिक उपयोग से बचने के लिए डिस्पोजेबल कप, गिलास और प्लेटों का उपयोग करने पर विचार कर रहे हैं। एजुकेशनल इंस्टीट्यूट भी पानी की कमी से परेशान हैं।

हाल ही में, शहर के एक कोचिंग सेंटर ने अपने छात्रों को एक सप्ताह के लिए ‘इमरजेंसी’ के कारण क्लासेस ऑनलाइन लेने को कहा। इसी तरह, बन्नेरघट्टा रोड पर एक स्कूल भी बंद कर दिया गया, और स्टूडेंट्स को कोविड के समय की तरह की ऑनलाइन क्लास लेने को कहा गया। यह स्पष्ट है कि पानी की कमी बेंगलुरु के लिए एक गंभीर खतरा बन गई है।

इस संकट से निपटने के लिए, शहर के लोग पानी बचाने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। केआर पुरम की निवासी सुजाता ने कहा, “गर्मी बढ़ने के साथ, रोजाना नहाए बगैर नहीं रहा जाता, लेकिन उनके पास एक दिन छोड़कर एक दिन नहाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

Also Read: DA Hike in MP: महंगाई भत्ते में 4 फीसदी का इजाफा

NDTV में छपी खबर के मुताबिक, एक महिला ने बताया, “क्या करें? बर्तन साफ करें, खाना पकाएं, कपड़े धोएं…इसलिए, हमने पेपर प्लेट का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इस तरह हमने पानी का उपयोग कम कर दिया है। और हम सप्ताह में दो बार खाना ऑर्डर करते हैं। हम वॉशिंग मशीन अब सप्ताह में केवल एक बार इस्तेमाल करते हैं।”

लोग पानी की कमी से इतने परेशान हैं कि कुछ लोगों को नहाने या टॉयलेट का उपयोग करने के लिए मॉल जाना पड़ रहा है। सिंगसंद्रा में रहने वाली एक आईटी प्रोफेशनल लक्ष्मी वी ने कहा कि वह अपनी कंपनी से WFH ऑप्शन की अनुमति देने का अनुरोध कर रही हैं ताकि वह और उसका परिवार स्थिति बेहतर होने तक कुछ समय के लिए तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रहने को जा सके।

बेंगलुरु मुख्य रूप से कावेरी नदी के पानी और ग्राउंड वॉटर पर निर्भर है। सीवेज उपचार प्लांट से रीसाइकल्ड पानी का उपयोग पीने के अलावा कई चीजों के लिए किया जाता है। बारिश की कमी के कारण मुख्य जलस्रोतों पर दबाव ज्यादा है। बेंगलुरु को प्रतिदिन 2,600-2,800 मिलियन लीटर पानी की जरूरत होती है, लेकिन वर्तमान में इसका केवल आधा ही उपलब्ध है। यह कमी शहर के निवासियों के लिए रोजाना कठिनाइयों का कारण बन रही है।

First Published - March 15, 2024 | 4:33 PM IST

संबंधित पोस्ट