facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

घटती प्रजनन दर पर भागवत की चिंता, भाजपा का समर्थन, विपक्ष ने उठाए संसाधनों पर सवाल

Advertisement

विपक्षी दलों ने कहा कि खाद्य सामग्री की कीमतें अधिक हैं और सरकार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में विफल रही है।

Last Updated- December 02, 2024 | 11:00 PM IST
Mohan Bhagwat Birthday

भारत की घटती प्रजनन दर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा चिंता जताए जाने के एक दिन बाद सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनकी टिप्पणी का स्वागत किया, जबकि विपक्षी दलों ने पूछा कि बढ़ी हुई आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधन कहां से आएंगे। विपक्षी दलों ने कहा कि खाद्य सामग्री की कीमतें अधिक हैं और सरकार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में विफल रही है।

रविवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में भागवत ने परिवारों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और आगाह किया कि जनसंख्या विज्ञान के अनुसार, अगर किसी समाज की कुल प्रजनन दर 2.1 से नीचे गिरती है, तो वह विलुप्त हो सकता है। इसलिए जब हम 2.1 कहते हैं, तो इसका मतलब है कि यह अधिक होना चाहिए, कम से कम तीन। जनसंख्या विज्ञान भी यही कहता है।

उन्होंने घटती जनसंख्या वृद्धि को गंभीर चिंता बताया। भागवत की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा कि यह राष्ट्रीय हित में है। तिवारी ने संसद के बाहर कहा, ‘आरएसएस एक देशभक्त संगठन है। अगर मोहन भागवत जी ने कुछ कहा है तो यह निश्चित रूप से राष्ट्रीय हित में होगा। इसलिए इसका सकारात्मक विश्लेषण किया जाना चाहिए।’

मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल ने भी इसी तरह की बात कही। हालांकि, विपक्षी नेताओं ने भागवत की टिप्पणी को लेकर सवाल उठाए। कटिहार से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि भागवत की टिप्पणी जनसंख्या के मुद्दे पर भाजपा नेताओं की बातों के विपरीत हैं।

उन्होंने कहा, ‘भागवत जो कह रहे हैं, उसमें काफी विरोधाभास है, क्योंकि भाजपा नेता कह रहे हैं कि जनसंख्या को नियंत्रित किया जाना चाहिए। उन्हें इन विरोधाभासों को दूर करना चाहिए और सरकार को जनसंख्या पर नीति लानी चाहिए।’ आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर ने पूछा कि बढ़ी हुई आबादी को सहारा देने के लिए अतिरिक्त संसाधन कहां से आएंगे।

Advertisement
First Published - December 2, 2024 | 11:00 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement