facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल पर एक्साइज 13 से घटाकर 3 रुपये, डीजल पर टैक्स पूरी तरह खत्म

Advertisement

भारत में तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है। वजह यह है कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर 28 फरवरी को हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें करीब 50 प्रतिशत बढ़ गई हैं।

Last Updated- March 27, 2026 | 11:36 AM IST
Petrol Diesel Excise Duty

Petrol Diesel Excise Duty: सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। तेल मार्कर्टिंग कंपनियों एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी को राहत देने के लिए पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, डीजल पर उत्पाद शुल्क पूरी तरह खत्म कर इसे शून्य कर दिया गया है।

वित्त मंत्रालय ने 26 मार्च को एक अधिसूचना जारी की। इसके मुताबिक पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये कर दिया गया है। डीजल पर यह शुल्क 10 रुपये से घटाकर पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह बदलाव तुरंत लागू हो गया है।

Petrol Diesel Excise Duty: तेल कंपनियों पर बढ़ा दबाव

भारत में तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है। वजह यह है कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर 28 फरवरी को हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें करीब 50 प्रतिशत बढ़ गई हैं। इसके बावजूद पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम अभी तक नहीं बढ़ाए गए हैं।

ब्रेंट क्रूड ऑइल 110 डॉलर के करीब

तेल की कीमतों में शुक्रवार को मामूली गिरावट आई। जबकि गुरुवार करीब 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पश्चिम एशिया में लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की आशंकाओं ने आपूर्ति में और रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ा दीं। शुक्रवार को ब्रेंट फ़्यूचर्स 107 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था। कुछ दिन पहले यह 110 डॉलर के पार चला गया था।

यूबीएस के विश्लेषक जियोवानी स्टोनोवो ने कहा, अभी चिंता इस बात की है कि संघर्ष और बढ़ सकता है और होर्मुज स्ट्रेट से होने वाला आवागमन लंबे समय तक बाधित रह सकता है। उधर, ईरान के विदेश मंत्री ने बुधवार को कहा था कि ईरान युद्ध समाप्त करने के अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत करने का उसका कोई इरादा नहीं है।

Advertisement
First Published - March 27, 2026 | 11:26 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement