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इन्फोसिस का विशाखापत्तनम में बड़ा विस्तार, 20 एकड़ में बनेगा नया आईटी कैंपस

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इन्फोसिस के इस परिसर में लगभग 7,000 लोग काम करेंगे। राज्य सरकार ने गुरुवार को कहा कि परियोजना के लिए भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है।

Last Updated- May 01, 2026 | 9:36 AM IST
Infosys

विशाखापत्तनम में इन दिनों तकनीक एवं आईटी क्षेत्र की कंपनियों की गहमागहमी काफी बढ़ गई है। कुछ ही दिन पहले अमेरिकी दिग्गज गूगल ने आंध्र प्रदेश के इस तटीय शहर में 15 अरब डॉलर के निवेश के साथ योजना शुरू करने का ऐलान किया था। अब सूचना-प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र की भारत की प्रमुख कंपनी इन्फोसिस ने भी शहर में 20 एकड़ का स्थायी परिसर खोलने की योजना बनाई है। इन्फोसिस की इस पहल से उभरते आईटी क्षेत्र के रूप में इस शहर की छवि और मजबूत होगी।

इन्फोसिस के इस परिसर में लगभग 7,000 लोग काम करेंगे। राज्य सरकार ने गुरुवार को कहा कि परियोजना के लिए भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है। यह विशाखापत्तनम की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में कंपनी के रणनीतिक विस्तार का हिस्सा है जिसके तहत पिछले दो वर्षों में कंपनी ने अपने कर्मचारियों की संख्या तेजी से बढ़ाई है जो वर्ष 2024 की शुरुआत में लगभग 250 से बढ़कर अब 1,900 तक पहुंच गई है। आने वाले समय में और 750 लोग इस परिसर में काम करेंगे।

एक अन्य आईटी कंपनी कॉग्निजेंट विशाखापत्तनम में लगभग 1,583 करोड़ रुपये के निवेश से विश्व-स्तरीय आईटी और आईटी-सक्षम सेवा (आईटीईएस) परिसर स्थापित करेगी जिससे 8,000 रोजगार सृजित होंगे।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) भी इस बंदरगाह शहर में विस्तार परियोजना शुरू कर रही है। इसके लिए 30 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है। विप्रो विशाखापत्तनम में दशकों से मौजूद है। अब वह भी विस्तार करेगी। राज्य सरकार ने अकेले विशाखापत्तनम में गूगल, मेटा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस और 6 अन्य कंपनियों को कुल 5 गीगावॉट (जीडब्ल्यू) डेटा सेंटर उपलब्ध कराने का वादा किया है। आंध्र प्रदेश सरकार में सूचना-प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने कहा, ‘विशाखापत्तनम का आईटी केंद्र के रूप में विकास हमारी स्थानीय प्रतिभाओं की शक्ति और उसके इर्द-गिर्द विकसित हो रहे ढांचे का प्रत्यक्ष प्रमाण है। वर्षों से हमारे युवाओं ने पूरी दुनिया में प्रौद्योगिकी कंपनियों को सशक्त बनाया है। अब वही प्रतिभा आंध्र प्रदेश में अपना करियर बनाने का विकल्प चुन रही है।’

इन्फोसिस विशाखापत्तनम परिसर ने इस क्षेत्र से 1,000 से अधिक नए लोगों और 500 पुराने कर्मचारियों की भर्ती की है। इससे उद्योग के लिए तैयार प्रतिभा की उपलब्धता और आंध्र प्रदेश की लक्षित कौशल विकास और उद्योग-उन्मुख शिक्षा पहल की सफलता जाहिर होती है।

लोकेश ने कहा,‘हमारा लक्ष्य जीवंत, प्रतिभा-प्रधान तंत्र का निर्माण करना है जहां उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार तालमेल से काम करें। इन्फोसिस का विशाखापत्तनम में विस्तार हमारे इस नजरिये पर मुहर लगाता है और आंध्र प्रदेश को प्रौद्योगिकी और नवाचार के वैश्विक केंद्र में बदलने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।’

राज्य सरकार की नीतिगत पहल में आईटी और वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति 4.0 और प्रौद्योगिकी के लिए भूमि प्रोत्साहन (लिफ्ट) केंद्र के माध्यम से बदलाव पर जोर दिया गया है। उद्योग-शिक्षा जगत सहयोग, मजबूत बुनियादी ढांचागत सहायता और राज्य में कर्मचारी-अनुकूल शहरी मोबिलिटी समाधानों ने आईटी कंपनियों के लिए निर्बाध विस्तार करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। राज्य सरकार ने कहा कि विशाखापत्तनम तेजी से भारत के सबसे संभावनाशील आईटी गंतव्यों में से एक के रूप में उभर रहा है जो मजबूत स्थानीय प्रतिभा आधार और परिपक्व ढांचे से संचालित है जो तेजी से वैश्विक प्रौद्योगिकी निवेश को आकर्षित कर रहा है।

यह ढांचा-आधारित दृष्टिकोण प्रतिभाओं का पलायन रोकने में मदद कर रहा है। इससे विशाखापत्तनम न केवल कुशल पेशेवरों के स्रोत के रूप में बल्कि एक ऐसे गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है जहां वैश्विक कंपनियां उच्च गुणवत्ता वाली टीमें तैयार कर सकती हैं और उन्हें बनाए रख सकती हैं।

लोकेश ने आगे कहा,‘आंध्र प्रदेश आईटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। इसके साथ ही प्रतिभा और ढांचागत तंत्र के विकास पर आधारित विशाखापत्तनम का उदय भारत के प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के अगले चरण के लिए आकर्षक मिसाल पेश
कर रहा है।’

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First Published - May 1, 2026 | 9:36 AM IST

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