दिल्ली सरकार ने गुरुवार को ईंधन की खपत कम करने और पर्यावरण पर दबाव घटाने के उद्देश्य से कई नए कदमों की घोषणा की है। इनमें सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम, मंत्रियों और अधिकारियों की विदेशी यात्राओं पर एक साल तक रोक जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। यह निर्णय मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संकट की आशंकाओं को देखते हुए लिया गया है।
यह पहल प्रधानमंत्री के उस आह्वान के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से ईंधन की बचत करने और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने की अपील की थी।
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इस मौके पर ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ नाम से एक सार्वजनिक अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि सरकार और नागरिक मिलकर दिल्ली के लिए क्या योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस अभियान का सबसे बड़ा फोकस पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करना है, ताकि ईंधन की बचत सुनिश्चित की जा सके और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़े।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के आह्वान पर वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, युद्ध और बढ़ती ऊर्जा चुनौतियों के बीच दिल्ली सरकार “मेरा भारत, मेरा योगदान” दिल्ली एक्शन प्लान शुरू करने जा रही है।
ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग, बिजली संरक्षण और सरकारी खर्चों में संयम… pic.twitter.com/GyRW3zrTsS
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) May 14, 2026
सरकारी कर्मचारियों के लिए 2 दिन वर्क फ्रॉम होम
नई योजना के तहत दिल्ली सरकार के कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अनुमति दी जाएगी। इसे फिलहाल एक सलाह के तौर पर लागू किया जाएगा।
सरकार ने यह भी अपील की है कि निजी कंपनियां भी इस मॉडल को अपनाएं और अपने कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दें। इसका मकसद शहर में ट्रैफिक और ईंधन की खपत दोनों को कम करना है।
सरकार ने ईंधन बचत के लिए कुछ और उपायों पर भी विचार किया है, जिनमें ‘नो व्हीकल डे’ और ‘मेट्रो मंडे’ जैसे विचार शामिल हैं। इनका उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रेरित करना है।
इससे न केवल पेट्रोल और डीजल की बचत होगी, बल्कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या को भी कम करने में मदद मिलेगी।
सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि आने वाले एक साल तक मंत्रियों और अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य सरकारी खर्च को नियंत्रित करना और संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग सुनिश्चित करना है।
यह पूरा कदम प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस सुझाव के बाद आया है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से ईंधन बचाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की थी।
दिल्ली सरकार का कहना है कि यह पहल अभी शुरुआती चरण में है और इसके प्रभाव की समीक्षा बाद में की जाएगी।
सरकारी अधिकारियों को मिलने वाले मासिक पेट्रोल भत्ते को 250 लीटर से घटाकर 200 लीटर कर दिया गया है। इसके साथ ही जो कर्मचारी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे, उन्हें अतिरिक्त परिवहन भत्ता देने का भी निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे।
सरकार ने एक नई पहल ‘मेट्रो मंडे’ की शुरुआत की घोषणा की है। इसके तहत हर सोमवार सभी मंत्री और सरकारी अधिकारी मेट्रो से यात्रा करेंगे। इस कदम का उद्देश्य दिल्ली में मेट्रो उपयोग को बढ़ावा देना और सड़क यातायात का दबाव कम करना है।
दिल्ली सरकार ने कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया है। अब सरकारी दफ्तर सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक खुलेंगे। वहीं नगर निगम दिल्ली के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक काम करेंगे। यह बदलाव यातायात के दबाव को संतुलित करने के लिए किया गया है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाएं और निजी वाहनों का उपयोग न करें। इससे न केवल ट्रैफिक कम होगा बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि अगले तीन महीनों तक दिल्ली सरकार के कोई बड़े कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए एक विशेष यात्रा योजना तैयार करने की बात भी कही गई है ताकि उन्हें राजधानी में बेहतर अनुभव मिल सके।
ऊर्जा की बचत और यात्रा कम करने के लिए अब 50 प्रतिशत सरकारी बैठकें ऑनलाइन की जाएंगी। इसके अलावा कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी जहां संभव हो, ऑनलाइन माध्यम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।