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होटल-रेस्तरां पर GST विवाद, कोर्ट ने दी बड़ी राहत

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18% जीएसटी विवाद पर हाई कोर्ट की राहत, कार्रवाई पर रोक

Last Updated- April 01, 2026 | 8:59 AM IST
GST

बंबई उच्च न्यायालय के औरंगाबाद पीठ ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) विवाद में आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) कंपनी को दी गई अंतरिम राहत को जारी रखा है। यह मामला उन रेस्तरां पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने के आधार पर सवाल उठाता है, जो उच्च-शुल्क होटलों के भीतर संचालित होते हैं।

खंडपीठ ने 24 मार्च, 2026 के आदेश में पहले दी गई अंतरिम राहत को समाप्त करने से इनकार कर दिया। साथ ही अदालत ने सीजीएसटी अधिनियम की धारा 74 के तहत जारी विवादित कारण बताओ नोटिस के संचालन पर रिट याचिका पर आगे विचार होने तक रोक लगा दी। अदालत ने कर अधिकारियों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया और मामले की अगली सुनवाई जून में सूचीबद्ध की है।

विवाद की जड़ 4 करोड़ रुपये से अधिक की कर मांग है, जो वित्त वर्ष 2020 से 2025 की अवधि से जुड़ी है। विभाग 31 मार्च, 2026 की वैधानिक समय सीमा से पहले इस मामले में निर्णय प्रक्रिया आगे बढ़ाना चाहता था। केंद्र सरकार की ओर से दलील दी गई कि अंतरिम राहत जारी रहने से निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होगी और राजस्व संग्रह पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

हालांकि अदालत ने यह उल्लेख किया कि याची पहले दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए 40 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कर चुका है। इस स्थिति में अदालत ने उचित समझा कि अगले आदेश तक कारण बताओ नोटिस पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखी जाए।

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First Published - April 1, 2026 | 8:59 AM IST

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