प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में लगभग 24,249.6 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी।
इस मंजूरी के कारण अब बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-31 और एनएच-231 के 143.5 किमी खंड को 4 लेन में अपग्रेड किया जाएगा, जिसमें पूर्णिया शहर का 6.7 किमी लंबा नया बाइपास भी शामिल है। जिसकी लागत 3,936.05 करोड़ रुपये है।
मध्य प्रदेश में एनएच-347 बी के हिवारखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड को 2 लेन और देशगांव-जुलवानिया खंड को 4 लेन में अपग्रेड करने की मंजूरी दी गई। इसकी लागत 4,415.60 करोड़ रुपये है। सीसीईए के आज के फैसले के बाद मार्ग के निर्धारण को लेकर विवाद के कारण करीब 10 साल से अटकी ओडिशा की बहुप्रतीक्षित तटीय राजमार्ग परियोजना अब शुरू होने जा रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नए तटीय राजमार्ग के रामेश्वर-पारादीप खंड को 8,300.79 करोड़ रुपये की लागत से बनाने की मंजूरी दे दी है।
160.18 किलोमीटर लंबे इस खंड का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) पर दो हिस्सों में किया जाएगा। पहला, 79.4 किमी लंबा चार लेन का एक्सेस कंट्रोल मार्ग रामेश्वर से कोणार्क तक और दूसरा, 80.78 किमी लंबा दो लेन का राजमार्ग कोणार्क से पारादीप तक, जिसमें पक्की शोल्डर होंगी। इसका निर्माण ऐसा होगा कि वाहन 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे और यह चार जिलों में सफर को तेज और सरल बना देगा।
सीसीईए ने तेलंगाना में मौजूदा एनएच-63 के आर्मूर-जगतियाल-मंचरियाल खंड का चौड़ीकरण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर और एनएच-563 के जगतियाल-करीमनगर खंड का चौड़ीकरण 4-लेन राजमार्ग के रूप में बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर मंजूर किया। यह परियोजना तीन कार्य खंडों में पूरी होगी, जिनकी कुल लंबाई 190.76 किमी और पूंजीगत लागत 7,597.16 करोड़ रुपये है।