facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Cabinet Decisions: ₹5,801 करोड़ की लखनऊ मेट्रो फेज-1B परियोजना को मंज़ूरी

Advertisement

फेज-1B का फोकस पुराने लखनऊ के सबसे भीड़भाड़ वाले और ऐतिहासिक क्षेत्रों पर है, जहां अभी तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा सीमित है।

Last Updated- August 12, 2025 | 5:53 PM IST
delhi metro
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्र सरकार की कैबिनेट ने लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के फेज-1B को हरी झंडी दे दी है। इस चरण में 11.165 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर बनाया जाएगा जिसमें 12 स्टेशन होंगे — 7 भूमिगत (Underground) और 5 एलीवेटेड (Elevated)। इस परियोजना पर सरकार ₹5,801 करोड़ का निवेश करेगी।

इस मंजूरी के साथ ही लखनऊ शहर में मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 34 किलोमीटर हो जाएगी। फेज-1B का फोकस पुराने लखनऊ के सबसे भीड़भाड़ वाले और ऐतिहासिक क्षेत्रों पर है, जहां अभी तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा सीमित है। यह नया कॉरिडोर निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगा:

  • अमीनाबाद, यहियागंज, पांडेगंज और चौक जैसे व्यापारिक केंद्र
  • किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) जैसी अहम स्वास्थ्य सेवाएं
  • बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, भूल भुलैया, घंटाघर, रूमी दरवाज़ा जैसे प्रमुख पर्यटक स्थल
  • और पुराने लखनऊ के प्रसिद्ध खानपान क्षेत्र

कैबिनेट के इस फैसले पर सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि इससे पुराने लखनऊ के संकरे और व्यस्त मार्गों पर मेट्रो एक बेहतर वैकल्पिक परिवहन माध्यम बनेगी, जिससे सड़कों पर भीड़ कम होगी और यातायात सुगम होगा। मेट्रो के कारण कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी क्योंकि यह पारंपरिक डीज़ल/पेट्रोल वाहनों की तुलना में अधिक पर्यावरण के अनुकूल है। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापार, पर्यटन, और रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी। खासकर नए मेट्रो स्टेशनों के आसपास निवेश और शहरी विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। 

Also Read | Cabinet Decisions: अरुणाचल के शी योमी में बनेगा 700 MW हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट, CCEA की ₹8146 करोड़ निवेश की मंजूरी

उन्होंने कहा कि यह मेट्रो विस्तार सभी सामाजिक-आर्थिक वर्गों को सार्वजनिक परिवहन तक समान पहुंच देगा, जिससे यात्रा का समय घटेगा और लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा। फेज-1B केवल एक मेट्रो प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि लखनऊ के भविष्य का ट्रांसफॉर्मेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर कदम है। यह परियोजना शहरी चुनौतियों का समाधान करने, सतत विकास को बढ़ावा देने और एक आधुनिक लखनऊ की दिशा में शहर को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी।

Advertisement
First Published - August 12, 2025 | 5:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement