facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

NEBP के तहत इलेक्ट्रिक बस टेंडर के लिए केंद्र सरकार ने 6 ओईएम को चुना, 6500 ई- बसों की सप्लाई करेंगी ये कंपनियां

Advertisement

बोली के परिणाम के ब्योरे के मुताबिक ई-बसों की आपूर्ति 6 राज्यों में की जाएगी, दिल्ली को मिलेगी सबसे ज्यादा 3,980 बसें

Last Updated- February 19, 2023 | 10:55 PM IST
Indifference of bus manufacturers, no interest in government contracts

नैशनल ई-बस प्रोग्राम (एनईबीपी) के तहत देश के पहले इलेक्ट्रिक बस टेंडर के लिए केंद्र सरकार ने 6 मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) को चुना है। ये विनिर्माता 6465 ई-बसों की आपूर्ति करेंगे।

एनईबीपी के तहत सरकार की कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) द्वारा जारी ई-टेंडर में अशोक लीलैंड की स्विच मोबिलिटी, वैश्विक दिग्गज जेबीएम समूह, महाराष्ट्र की ग्रीनसेल मोबिलिटी, इंटैक्ट ट्रांसपोर्ट, पिनाकल मोबिलिटी और पीएमआई इलेक्ट्रो (ग्रीनसेल मोबिलिटी ऐंड इंटैक्ट ट्रांसपोर्ट के साथ कंसोर्टियम) विजेता बनकर उभरी हैं। इस टेंडर को 2 जनवरी को अंतिम रूप दिया गया था।

सीईएसएल द्वारा साझा किए गएआंकड़ों के मुताबिक 12 मीटर की बस (शहर के भीतर) की सबसे कम कीमत 54.3 रुपये प्रति किलोमीटर और 12 मीटर की बस (एक शहर से दूसरे शहर) की सबसे कम बोली 39.8 रुपये प्रति किलोमीटर लगाई गई है। वहीं 9 मीटर के बस के लिए कीमत 54.46 रुपये प्रति किलोमीटर और 7 मीटर की बस के लिए 61.92 रुपये प्रति किलोमीटर है। इस कीमत में सब्सिडी शामिल नहीं है।

बोली की यह कीमत पहले के इलेक्ट्रिक बस टेंडर की तुलना में ज्यादा है, जिसे ‘ग्रैंड चैलेंज’ के तहत सीईएसएल ने आयोजित किया था। 12 मीटर की बस (शहर के भीतर) के लिए एल-1 बोली में 11 प्रतिशत वृद्धि हुई है। 12 मीटर की एसी बस (शहर के भीतर) की कीमत में करीब 17 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। वहीं 9 मीटर स्टैंडर्ड फ्लोर एसी बस की बोली की कीमत 9 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है।

बोली के परिणाम के ब्योरे के मुताबिक ई-बसों की आपूर्ति 6 राज्यों में की जाएगी। इनमें दिल्ली (3,980 बसें), तेलंगाना (1,000 बसें), हरियाणा (550 बसें), केरल (750 बसें), गुजरात (150 बसें) और अरुणाचल प्रदेश (10 बसें) शामिल हैं। कांट्रैक्ट के तहत बसों की खरीद, परिचालन और रखरखाव के साथ सेवा प्रदाता (ओईएम या ओईएम के कंसोर्टियम और बस सेवा प्रदाता) को सकल लागत कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) के आधार पर संबंधित इलेक्ट्रिक और सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर भी विकसित करना होगा।

एनईबीपी को जुलाई 2022 में पेश किया गया था। इसका काम राज्यों की ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग में इलेक्ट्रिक बसों को शामिल कराना है। एनईबीपी के तहत सितंबर 2022 में सीईएसएल ने 5,690 ई-बसें खरीदने के लिए टेंडर जारी किया था जिसे नवंबर 2022 में संशोधित कर 6,465 कर दिया गया। केरल राज्य सड़क परिवहन निगम ने अतिरिक्त 775 बसों की मांग की थी, जिसकी वजह से बसों की संख्या बढ़ाई गई।

एनईबीपी शुरू किए जाने के पहले सीईएसएल ने जनवरी 2022 में सीईएलएल ने 5,585 बसें खरीदने के लिए ई बसों का ‘ग्रैंड चैलेंज’ पेश किया था। इस टेंडर में 5,450 सिंगल डेकर और 130 डबल डेकर बसें शामिल थीं।

Advertisement
First Published - February 19, 2023 | 10:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement