facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

केंद्र को अहितकर वस्तुओं से रेवेन्यू जुटाने का मिलेगा अ​धिकार, वित्त मंत्री ने लोक सभा में पेश किए दो टैक्सेशन बिल

Advertisement

केंद्र जुलाई 2017 से ऐसे उत्पादों पर उपकर लगा रहा था और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से राजस्व नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए इसे राज्यों के साथ साझा किया जाता था

Last Updated- December 01, 2025 | 10:55 PM IST
Nirmala Sitharaman

तंबाकू उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क को और बढ़ाने तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित व्यय के लिए पान मसाले पर उपकर लगाने के मकसद से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोक सभा में दो प्रमुख कराधान विधेयक पेश किए। इससे केंद्र को अहितकर वस्तुओं से अतिरिक्त राजस्व एकत्र करने का अ​धिकार मिलेगा।

केंद्र जुलाई 2017 से ऐसे उत्पादों पर उपकर लगा रहा था और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से राजस्व नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए इसे राज्यों के साथ साझा किया जाता था। हालांकि केंद्र ने 2022 तक वादा किए गए 5 वर्षों की अवधि के बाद राज्यों को मुआवजा देना बंद कर दिया मगर कोविड के दौरान अतिरिक्त उधार चुकाने के लिए मुआवजा उपकर जारी रहा। किंतु नए कदम के तहत अब केंद्र इससे जुटाए गए अतिरिक्त राजस्व को राज्यों के साथ साझा नहीं करेगा।

Also Read: नवंबर में GST कलेक्शन मामूली बढ़कर ₹1.70 लाख करोड़ के पार पहुंचा, कंपेंसेशन सेस में गिरावट

ईवाई इंडिया में मुख्य नीति सलाहकार डीके श्रीवास्तव का मानना है कि इसके पीछे जीएसटी सुधारों के कारण होने वाले कुछ राजस्व नुकसान की भरपाई करने का विचार है।

उन्होंने कहा, ‘नवंबर के आंकड़े बताते हैं कि जीएसटी संग्रह में तेजी घट गई है। उपकर की पिछली व्यवस्था राज्यों को क्षतिपूर्ति और ऋण चुकाने के लिए थी। राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पूरे देश के उद्देश्य को पूरा करते हैं न कि केवल केंद्र सरकार के। हालांकि श​क्ति केंद्र सरकार के पास होगी।’

तृणमूल कांग्रेस से सांसद सौगत राय ने लोक सभा में दोनों विधेयकों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार तंबाकू उत्पादों से राजस्व चाहती है, जबकि विधेयक पैकेटों पर तंबाकू के खतरों का उल्लेख नहीं करता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को आगे नहीं बढ़ाता है। उन्होंने केंद्र की ऐसे उत्पादों से केवल उत्पाद शुल्क आकर्षित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आलोचना की।

Also Read: रुपया ऑल टाइम लो पर: आगे और कितना गिरेगा? अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर

वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी की शुरुआत के बाद तंबाकू पर उत्पाद शुल्क में तेजी से कमी की गई थी ताकि मुआवजा उपकर के लिए जगह बनाई जा सके और नवीनतम संशोधनों का उद्देश्य फिर से वित्तीय गुंजाइश बनाना है क्योंकि उपकर को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा है।

Advertisement
First Published - December 1, 2025 | 10:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement