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महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नियमों में बदलाव, गैर-सरकारी सदस्य भी बन सकेंगे हिस्सा

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कैबिनेट बैठक में नियमों में बदलाव को मिली मंजूरी, अब मुख्यमंत्री गैर-सरकारी सदस्यों को भी प्राधिकरण में शामिल कर सकेंगे, अजित पवार को मिली जगह, एकनाथ शिंदे बाहर

Last Updated- February 11, 2025 | 8:54 PM IST
E-cabinet will be implemented in Maharashtra, digital governance will increase transparency and ease of living महाराष्ट्र में लागू होगी ई-कैबिनेट, डिजिटल शासन से बढ़ेगी पारदर्शिता और ईज ऑफ लिविंग

आज हुई कैबिनेट बैठक में महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) नियम, 2019 में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब इस प्राधिकरण में एक अध्यक्ष और नौ सदस्य होंगे। मुख्यमंत्री अध्यक्ष होंगे और बाकी सदस्यों का चयन अध्यक्ष करेंगे। मुख्यमंत्री गैर-सरकारी सदस्यों को भी प्राधिकरण का सदस्य नामित कर सकेंगे।

वर्ष 2005 में मुंबई में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद गठित आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आपातकालीन प्रतिक्रियाओं के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके सदस्य बुनियादी ढांचे, राहत और पुनर्वास कार्य के समन्वय में भी अहम भूमिका निभाते हैं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा हाल ही में जारी आदेश के अनुसार एसडीएमए का पुनर्गठन किया गया है। राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक प्राधिकरण की सीईओ हैं, जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं। उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को एसडीएमए में शामिल किया गया है, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इसमें शामिल नहीं किया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में दरार की अटकलें शुरू हो गई हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संरचना महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन नियम, 2019 के नियम 3 में निर्धारित की गई है। इस संरचना को संशोधन के लिए मंजूरी दी गई। इस संरचना के अनुसार, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में एक अध्यक्ष और नौ सदस्य होंगे। मुख्यमंत्री पदेन अध्यक्ष होंगे और उपमुख्यमंत्री पदेन सदस्य होंगे। मुख्यमंत्री अन्य मंत्रियों को प्राधिकरण के पदेन सदस्य के रूप में नामित करेंगे। अध्यक्ष आपदा जोखिम न्यूनीकरण में ज्ञान और अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में भी नामित करेंगे। इसके अलावा, इस समिति में राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष, पदेन सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल होंगे।

इससे पहले इस प्राधिकरण में मुख्यमंत्री अध्यक्ष और राजस्व, वित्त, गृह, राहत एवं पुनर्वास और सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री सदस्य थे। इसके अतिरिक्त, अध्यक्ष एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा नामित आपदा जोखिम प्रबंधन में ज्ञान एवं अनुभव रखने वाले तीन गैर-सरकारी सदस्य इस प्राधिकरण के पदेन सदस्य एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे।

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First Published - February 11, 2025 | 8:51 PM IST

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