facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

एनसीसीएसए ‘बेकार’, केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे: CM केजरीवाल

Advertisement

एनसीसीएसए की पहली बैठक में भाग लेने के बाद यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि यह प्राधिकरण बेकार है और सरकार उच्चतम न्यायालय में जाएगी।

Last Updated- June 20, 2023 | 3:33 PM IST
File Photo: Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण (एनसीसीएसए) को ‘बेकार’ बताते हुए मंगलवार को कहा कि दिल्ली में सेवाओं पर नियंत्रण से संबंधित केंद्र के अध्यादेश में मुख्य सचिव को मंत्रिमंडल से ऊपर रखा गया है और आम आदमी पार्टी सरकार इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी।

एनसीसीएसए की पहली बैठक में भाग लेने के बाद यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि यह प्राधिकरण बेकार है और सरकार उच्चतम न्यायालय में जाएगी।

उन्होंने दावा किया कि अध्यादेश के माध्यम से चुनी हुई सरकार के अधिकार छीन लिये गये हैं और केंद्र सरकार अधिकारियों के माध्यम से दिल्ली पर नियंत्रण चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हर मंत्री के ऊपर एक अधिकारी को प्रभार दिया गया है। केंद्र सरकार अधिकारियों के माध्यम से दिल्ली सरकार पर नियंत्रण चाहती है। अध्यादेश में दिल्ली के मुख्य सचिव को मंत्रिमंडल से ऊपर रखा गया है।’’ केजरीवाल ने कहा कि अधिकारियों को मंत्रियों के फैसले खारिज करने का अधिकार दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की बैठक से कुछ दिन पहले उन्हें एक अधिकारी के निलंबन के संबंध में एक फाइल मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कुछ सवाल पूछे लेकिन फाइल कभी मेरे पास वापस नहीं आई। फाइल उपराज्यपाल को भेज दी गयी और अधिकारी को यह कहते हुए निलंबित कर दिया गया कि दो सदस्यों (एनसीसीएसए के) ने मंजूरी दे दी है। एनसीसीएसए बेकार है। हम सभी मामलों को उच्चतम न्यायालय ले जाएंगे।’’

Advertisement
First Published - June 20, 2023 | 3:33 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement