facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

कोयला, गैस पर आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 2023-24 में 2.44% बढ़ी

Advertisement

आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की कुल बिजली उत्पादन क्षमता एक साल पहले के 416.06 गीगावाट से 6.22 प्रतिशत बढ़कर 441.97 गीगावाट हो गई।

Last Updated- May 03, 2024 | 4:44 PM IST
coal import
Representative Image

देश में कोयला और गैस जैसे जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2023-24 में 2.44 प्रतिशत बढ़कर 243.22 गीगावाट हो गई, जो मार्च 2023 में 237.27 गीगावाट थी। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार हरित ऊर्जा स्रोतों (गैर-जीवाश्म ईंधन) पर आधारित बिजली उत्पादन क्षमता पिछले वित्त वर्ष में 10.79 प्रतिशत बढ़कर 190.57 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) हो गई जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में यह 172.01 गीगावाट थी।

जीवाश्म ईंधन पर आधारित बिजली घरों में ईंधन के रूप में कोयला, लिग्नाइट, गैस और डीजल का उपयोग किया जाता है। जबकि गैर-जीवाश्म ईंधन में सौर, पवन और जल विद्युत से उत्पन्न बिजली शामिल है। पिछले वित्त वर्ष में परमाणु ऊर्जा क्षमता वृद्धि 6.78 गीगावाट से बढ़कर 8.18 गीगावाट हो गई, जो सालाना आधार पर 20.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की कुल बिजली उत्पादन क्षमता एक साल पहले के 416.06 गीगावाट से 6.22 प्रतिशत बढ़कर 441.97 गीगावाट हो गई। इस दौरान कोयला आधारित क्षमता 205.24 गीगावाट से लगभग तीन प्रतिशत बढ़कर 210.97 गीगावाट हो गई जबकि गैस-आधारित उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2022-23 के 24.82 गीगावाट से मामूली बढ़कर 25.04 गीगावाट हो गई। वित्त वर्ष 2023-24 में लिग्नाइट और डीजल पर आधारित क्षमता क्रमशः 6.62 गीगावाट और 0.59 गीगावाट रही।

नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की क्षमता बढ़कर 143.64 गीगावाट हो गई, जो वित्त वर्ष 2022-23 के 125.16 गीगावाट से 14.76 प्रतिशत अधिक है। जलविद्युत क्षमता भी इस दौरान 46.85 गीगावाट से बढ़कर 46.93 गीगावाट हो गई।

Advertisement
First Published - May 3, 2024 | 4:44 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement