facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

कोयला, गैस पर आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 2023-24 में 2.44% बढ़ी

आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की कुल बिजली उत्पादन क्षमता एक साल पहले के 416.06 गीगावाट से 6.22 प्रतिशत बढ़कर 441.97 गीगावाट हो गई।

Last Updated- May 03, 2024 | 4:44 PM IST
coal import
Representative Image

देश में कोयला और गैस जैसे जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2023-24 में 2.44 प्रतिशत बढ़कर 243.22 गीगावाट हो गई, जो मार्च 2023 में 237.27 गीगावाट थी। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार हरित ऊर्जा स्रोतों (गैर-जीवाश्म ईंधन) पर आधारित बिजली उत्पादन क्षमता पिछले वित्त वर्ष में 10.79 प्रतिशत बढ़कर 190.57 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) हो गई जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में यह 172.01 गीगावाट थी।

जीवाश्म ईंधन पर आधारित बिजली घरों में ईंधन के रूप में कोयला, लिग्नाइट, गैस और डीजल का उपयोग किया जाता है। जबकि गैर-जीवाश्म ईंधन में सौर, पवन और जल विद्युत से उत्पन्न बिजली शामिल है। पिछले वित्त वर्ष में परमाणु ऊर्जा क्षमता वृद्धि 6.78 गीगावाट से बढ़कर 8.18 गीगावाट हो गई, जो सालाना आधार पर 20.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की कुल बिजली उत्पादन क्षमता एक साल पहले के 416.06 गीगावाट से 6.22 प्रतिशत बढ़कर 441.97 गीगावाट हो गई। इस दौरान कोयला आधारित क्षमता 205.24 गीगावाट से लगभग तीन प्रतिशत बढ़कर 210.97 गीगावाट हो गई जबकि गैस-आधारित उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2022-23 के 24.82 गीगावाट से मामूली बढ़कर 25.04 गीगावाट हो गई। वित्त वर्ष 2023-24 में लिग्नाइट और डीजल पर आधारित क्षमता क्रमशः 6.62 गीगावाट और 0.59 गीगावाट रही।

नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की क्षमता बढ़कर 143.64 गीगावाट हो गई, जो वित्त वर्ष 2022-23 के 125.16 गीगावाट से 14.76 प्रतिशत अधिक है। जलविद्युत क्षमता भी इस दौरान 46.85 गीगावाट से बढ़कर 46.93 गीगावाट हो गई।

First Published - May 3, 2024 | 4:44 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट