facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

रक्षा मंत्रालय ने ₹2.38 लाख करोड़ के हथियार खरीद को दी मंजूरी, S-400 मिसाइल-ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी शामिल

Advertisement

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने इन खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी

Last Updated- March 27, 2026 | 6:52 PM IST
Russia S 400

रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को S-400 मिसाइलों और मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सहित 2.38 करोड़ रुपये के हथियारों और सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने इन खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी।

S-400 से मजबूत होगी एयर डिफेंस

रक्षा मंत्रालय ने कहा, “भारतीय वायुसेना के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, S-400 लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम, रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट और Su-30 के एयरो इंजन एग्रीगेट्स के ओवरहॉल के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।”

मंत्रालय ने यह भी कहा कि AN-32 और IL-76 परिवहन बेड़े को बदलकर मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट शामिल किए जाने से सेना की रणनीतिक, सामरिक और ऑपरेशनल एयरलिफ्ट जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।

Also Read: अर्थशास्त्रियों का अनुमान: एक्साइज कटौती से सरकार को ₹1.5 लाख करोड़ का झटका!

Su-30 अपग्रेड से बढ़ेगी ऑपरेशनल ताकत

रक्षा मंत्रालय ने कहा, “S-400 सिस्टम दुश्मन के लंबी दूरी के हवाई हमलों को, जो महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निशाना बनाते हैं, रोकने में सक्षम होगा। वहीं, रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट आक्रामक जवाबी कार्रवाई और समन्वित हवाई अभियानों को अंजाम देने में मदद करेंगे। साथ ही स्टेल्थ इंटेलिजेंस, निगरानी और टोही (रिकॉनिसेंस) गतिविधियों को भी मजबूत करेंगे।”

मंत्रालय ने आगे कहा, “Su-30 के एयरो इंजन और उसके एग्रीगेट्स के ओवरहॉल से विमान की सेवा अवधि बढ़ेगी और वायुसेना की परिचालन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।”

Advertisement
First Published - March 27, 2026 | 6:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement