Delhi Govt economic survey: दिल्ली की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही है और इसमें जबरदस्त वृद्धि देखने को मिल रही है। वर्ष 2025-26 में स्थिर मूल्य पर दिल्ली की जीएसडीपी में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। साथ यह बीते 5 साल व कोरोना के बाद दूसरी सबसे बड़ी वृद्धि दर है। जीडीपी वृद्धि के साथ दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय पहली बार 5 लाख रुपये पार कर गई। दिल्ली सरकार ने आज विधानसभा में वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा पेश की।
दिल्ली सरकार की आर्थिक समीक्षा के अनुसार वर्ष 2025-26 में स्थिर मूल्यों (constant price) पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 के दौरान स्थिर मूल्य पर दिल्ली की जीएसडीपी 8.53 फीसदी बढ़कर 7,76,479 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह वृद्धि दर वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्य पर जीएसडीपी में 6.23 फीसदी की तुलना में कहीं अधिक है। साथ ही स्थिर मूल्य पर यह वृद्धि दर बीते 5 साल में दूसरी सबसे बड़ी वृद्धि दर है। पांच साल में सबसे बड़ी वृद्धि दर 2023-24 में 9.63 फीसदी थी।
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आर्थिक समीक्षा के अनुसार वर्ष 2025-26 में चालू कीमतों (current price) पर दिल्ली की जीएसडीपी 13,27,055 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो वर्ष 2024-25 की 12,12,851 करोड़ रुपये की जीएसडीपी से 9.42 फीसदी अधिक है। वर्ष 2024-25 में जीएसडीपी में इस मूल्य पर 8.91 फीसदी इजाफा हुआ था। हालांकि पांच साल में यह दूसरा मौका है, जबकि चालू मूल्य पर जीएसडीपी वृद्धि दर दहाई अंक से कम रही।
दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का प्रभुत्व है, जिसका वर्ष 2025-26 के दौरान चालू कीमतों पर सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में योगदान 86.32 प्रतिशत है। इसके बाद द्वितीयक क्षेत्र (12.88 प्रतिशत ) और प्राथमिक क्षेत्र (0.80 प्रतिशत) का योगदान है।
दिल्ली सरकार के आर्थिक समीक्षा के अनुसार वर्ष 2025-26 में चालू मूल्य पर दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 7.92 फीसदी बढ़कर 5,31,610 रुपये रहने का अनुमान है। इससे पहले वाले वर्ष में प्रति व्यक्ति आय में 7.62 फीसदी इजाफा हुआ था। बीते 5 साल में यह तीसरा मौका है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर एक अंक में रही। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय से करीब 2.5 गुना अधिक है। वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय 3,0,5,433 रुपये रहने का अनुमान है।
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वर्ष 2025-26 के आर्थिक समीक्षा के अनुसार दिल्ली सरकार के राजस्व अधिशेष में इजाफा हुआ है। 2025-26 के लिए अनुमानित राजस्व अधिशेष 9,661.31 करोड़ रुपये है जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 0.73 फीसदी है। वर्ष 2025-26 में दिल्ली सरकार का कर संग्रह सालाना आधार पर 15.54 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 का बजट 1,00,000 करोड़ रुपये का था, जिसमें से 59,300 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों तथा परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। यह राशि 2024-25 के बजट अनुमान में निर्धारित 39,000 करोड़ रुपये की तुलना में 20,300 करोड़ रुपये अधिक है। दिल्ली में औद्योगिक श्रमिकों के लिए वार्षिक औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2024 में 132.5 से बढ़कर 2025 में 139.4 हो गया, जो 6.9 अंक (4.9 प्रतिशत) की वृद्धि दर्शाता है।
दिल्ली की जीएसडीपी में बीते कुछ वर्षों में वृद्धि दर
| वर्ष | चालू मूल्य पर | स्थिर मूल्य पर |
|---|---|---|
| 2015-16 | 11.32 | 11.03 |
| 2016-17 | 11.85 | 7.60 |
| 2017-18 | 10.03 | 5.91 |
| 2018-19 | 8.92 | 4.30 |
| 2019-20 | 7.38 | 3.69 |
| 2020-21 | -6.13 | -8.96 |
| 2021-22 | 16.98 | 7.20 |
| 2022-23 | 14.86 | 7.40 |
| 2023-24 | 11.36 | 9.63 |
| 2024-25 | 8.91 | 6.23 |
| 2025-26 | 9.42 | 8.53 |
| स्रोत: दिल्ली आर्थिक समीक्षा 2025-26 और वृद्धि दर फीसदी में है। | ||