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Delhi pollution: दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, बिना पीयूसी वाहनों के इस साल 20% ज्यादा कटे चालान; हवा हुई और खराब

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Delhi pollution: दिल्ली यातायात पुलिस ने इस साल अक्टूबर तक बिना वैध पीयूसी वाले 4.87 लाख वाहनों के काटे चालान, लेकिन 10 फीसदी ने ही भरा जुर्माना

Last Updated- November 06, 2025 | 7:57 PM IST
Traffic Police
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

Delhi pollution: दिल्ली में प्रदूषण की मार कम करने के लिए प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती की जा रही है। इस साल वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र के बिना चलने वाले वाहनों के जमकर चालान काटे जा रहे हैं। पिछले साल की तुलना इस साल पिछले महीने तक 20 फीसदी अधिक चालान काटे गए। इस बीच, दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़कर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया।

इस साल कितने वाहनों के कटे चालान?

दिल्ली यातायात पुलिस के मुताबिक इस वर्ष अक्टूबर तक बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र के चल रहे 4.87 लाख से अधिक वाहनों के चालान काटे गए हैं, जबकि 2024 की इसी अवधि में 3.78 लाख वाहनों के चालान काटे गए थे। जाहिर है इस साल अक्टूबर तक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 20 फीसदी ज्यादा चालान काटे गए। वहीं यातायात पुलिस ने 30 अक्टूबर तक बिना वैध पीयूसी वाले वाहनों के कुल 8.87 लाख से अधिक चालान काटे हैं।

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महज 10 फीसदी ने भरा जुर्माना

इस साल पीयूसी का उल्लंघन करने पर भले ही ज्यादा कार्रवाई हो रही हो, लेकिन बहुत कम वाहन मालिक चालान का जुर्माना जमा कर रहे हैं। यातायात पुलिस सूत्रों के मुताबिक व्यापक प्रवर्तन के बावजूद किए गए कुल चालान में से महज 10 फीसदी वाहन मालिकों ने ही जुर्माना जमा कराया है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत पीयूसी उल्लंघन पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

किस रेंज में कितने चालान हुए

दिल्ली यातायात पुलिस के मुताबिक पीयूसी उल्लंघन के सबसे अधिक मामले पश्चिमी रेंज में देखे गए। इस रेंज में 1,14,754 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद पूर्वी रेंज में 1,09,707, दक्षिणी रेंज में 1,06,939, उत्तरी रेंज में 96,984, उत्तर-पश्चिम रेंज में 83,438 और मध्य दिल्ली रेंज में 76,012 मामलों के चालान जारी किए गए।

ग्रेप के तहत भी सख्ती

दिल्ली यातायात पुलिस ने बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (जीआरएपी) के क्रियान्वयन में तेजी ला दी है और 14 अक्टूबर से दो नवंबर के बीच वैध पीयूसीसी के बिना वाहन चलाने वाले चालकों के 46,921 चालान किए हैं। इस अवधि के दौरान शहर की सीमाओं पर तैनात यातायात टीमों ने 82,334 वाणिज्यिक वाहनों का निरीक्षण किया और प्रदूषण-रोधी मानकों को पूरा न करने वाले 3,018 वाहनों को प्रवेश देने से मना कर दिया।

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निर्माण एवं विध्वंस के मलबे का परिवहन करने वाले 204 वाहनों पर सामान को ठीक से न ढकने के कारण 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि दिल्ली के बाहर से बीएस-तीन या निम्न श्रेणी के वाहन शहर में प्रवेश न करें इसके लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की 23 संयुक्त टीमों को सीमावर्ती इलाकों में चौबीसों घंटे तैनात किया गया है।

दिल्ली की हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंची

प्रदूषण पर सख्ती के बावजूद दिल्ली की हवा आज बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है। बुधवार को यह खराब श्रेणी में थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा रोजाना जारी किए जाने वाले वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुलेटिन के मुताबिक आज शाम 4 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में दिल्ली का औसत एक्यूआई 311 दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को यह 202 था।

एनसीआर के गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद की हवा दिल्ली की तुलना में थोड़ी बेहतर रही। फरीदाबाद में आज एक्यूआई 218, गुरुग्राम में 257, गाजियाबाद में 266 और नोएडा में 257 दर्ज किया गया। बुधवार की तुलना में गुरुवार को एनसीआर इन के शहरों में भी प्रदूषण बढ़ा है।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - November 6, 2025 | 6:37 PM IST

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