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Delhi Pollution: दिल्ली में डेरी फार्मों को प्रदूषण नियंत्रण सहमति लेने का निर्देश

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डीपीसीसी ने निर्देशों का पालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

Last Updated- December 15, 2024 | 5:09 PM IST
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दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने शहर में गौशालाओं और डेरी फार्मों को 15 दिनों के भीतर प्रदूषण नियंत्रण सहमति प्राप्त करने का निर्देश दिया है।

डीपीसीसी ने निर्देशों का पालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। डीपीसीसी ने रविवार को एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिल्ली में 15 या उससे अधिक मवेशियों वाली सभी गौशालाओं और डेरी फार्मों तथा डेरी कॉलोनियों में संचालित सभी डेरियों को जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम-1974 और वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम- 1981 के तहत अनिवार्य सहमति के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से यह निर्देश न्यायालय के हाल के आदेशों के अनुपालन में जारी किया गया है और इसका पालन नोटिस के 15 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए अन्यथा कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह नोटिस राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 20 मई, 2020 के आदेश के अनुसार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी “डेरी फार्मों और गौशालाओं के पर्यावरण प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश” का अनुसरण करता है। ये दिशानिर्देश प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों के तहत डेरी फार्मों और गौशालाओं को क्रमशः ‘ऑरेन्ज’ और ‘ग्रीन’ श्रेणियों में वर्गीकृत करते हैं।

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First Published - December 15, 2024 | 5:09 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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