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दिल्ली में टूटेंगे बिजली की मांग के सारे रिकॉर्ड, गर्मियों में पीक डिमांड 9,000 मेगावाट पार जाएगी!

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दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) बिजली की संभावित रिकॉर्ड मांग की पूर्ति के लिए इंतजाम करने का दावा कर रही हैं

Last Updated- March 12, 2026 | 5:16 PM IST
power sector
पिछले साल गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 8,442 मेगावाट दर्ज की गई थी।

Delhi Power Demand: मार्च में ही तेज गर्मी सताने लगी है और इस साल गर्मी ज्यादा पड़ने की संभावना है। जिससे दिल्ली में इस साल गर्मियों में बिजली की मांग के सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं। दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) बिजली की संभावित रिकॉर्ड मांग की पूर्ति के लिए इंतजाम करने का दावा कर रही हैं।

कितनी जा सकती है बिजली की अधिकतम मांग?

बीएसईएस डिस्कॉम के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में इस साल गर्मियों के दौरान बिजली की अधिकतम मांग 9,000 मेगावाट पार कर सकती है, जो अब तक की रिकॉर्ड मांग होगी। पिछले साल गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 8,442 मेगावाट दर्ज की गई थी। दक्षिण और पश्चिम दिल्ली में बिजली आपूर्ति करने वाली बीआरपीएल की 2025 की गर्मियों में अधिकतम मांग 3,798 मेगावाट थी, जो 2026 की गर्मियों में बढ़कर 3,997 मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं पूर्व और मध्य दिल्ली क्षेत्र में बिजली आपूर्ति करने वाली बीवाईपीएल की 2025 की गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 1,824 मेगावाट थी, इस साल यह बढ़कर 1,991 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है।

दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग ने 2018 में पहली बार 7,000 मेगावाट का आंकड़ा पार किया था, जो 7,016 मेगावाट पर पहुंच गई थी। वर्तमान मांग वृद्धि की प्रवृत्तियों के आधार पर दिल्ली में 2028-2029 में बिजली की अधिकतम मांग 10,000 मेगवाट पार करने की संभावना है। 2002 में दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग महज 2,879 मेगावाट थी।

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डिस्कॉम का संभावित मांग की पूर्ति करने का दावा

बीएसईएस डिस्कॉम का कहना है कि उसने दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली में 53 लाख से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली की मांग को पूरा करने के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तैयारी कर की है। इसके तहत दीर्घकालिक PPA (पावर पर्चेज एग्रीमेंट), द्विपक्षीय व्यवस्थाएं, अन्य राज्यों के साथ बैंकिंग व्यवस्थाएं और बिजली मांग को सही तरीके से अनुमानित करने के लिए नवीनतम तकनीकों जैसे एआई का उपयोग किया गया है। पावर बैंकिंग के जरिये 470 मेगावाट का इंतजाम किया है। 2,670 मेगावाट की व्यवस्था ग्रीन पावर के माध्यम से की गई है। इसमें सौर से 840 मेगावाट, जल से 572 मेगावाट, पवन से 500 मेगावाट, PSP से 312 मेगावाट, रूफटॉप सोलर से 250 मेगावाट, हाइब्रिड से 137 मेगावाट और वेस्ट-टू-एनर्जी से 41 मेगावाट शामिल हैं।

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First Published - March 12, 2026 | 5:15 PM IST

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