ट्रांसपोर्टर दिल्ली-एनसीआर में पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) बढ़ोतरी और BS-IV कमर्शियल वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में उतर आए। ट्रांसपोर्टरों ने तीन दिवसीय सांकेतिक चक्काजाम का ऐलान किया है। साथ ही BS-IV वाहनों पर लागू प्रतिबंध वापस लेने और BS-VI वाहनों को ECC से पूरी तरह छूट देने की सरकार से मांग की है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने कहा कि दिल्ली और NCR के प्रमुख ट्रांसपोर्ट संगठनों और परिवहन यूनियनों ने केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और दिल्ली सरकार द्वारा पर्यावरणीय शुल्क (ECC) में की गई भारी बढ़ोतरी और BS-IV कमर्शियल वाहनों पर 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाले प्रतिबंध पर विस्तार से चर्चा के लिए बैठक की। जिसमें ECC बढ़ोतरी और BS-IV कमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध के खिलाफ 21 से 23 मई 2026 तक तीन दिवसीय सांकेतिक चक्काजाम का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार ECC बढ़ाने का उद्देश्य केवल उन ट्रकों को हतोत्साहित करने का था, जो बिना किसी काम के दिल्ली से होकर गुजरते हैं, ना कि दिल्ली में सामान लाने-ले जाने वाले वाहनों पर। लेकिन दिल्ली सरकार और सीएक्यूएम ने ECC बढ़ोतरी सभी वाहनों पर लागू कर दी है, यहां तक कि उन ट्रकों पर भी जो दिल्ली में लोडिंग-अनलोडिंग के लिए जरूरी रूप से आते हैं और यहां के निवासियों को आवश्यक सामान पहुंचाते हैं। यह ट्रांसपोर्टरों के साथ अन्याय है और इससे ट्रांसपोर्ट उद्योग को नुकसान होगा।
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फेडरेशन ऑफ संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर और AIMTC के दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष कुलतारण सिंह अटवाल ने कहा कि दिल्ली में हल्के कमर्शियल वाहनों पर ECC शुल्क 1400 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये और भारी ट्रकों के लिए 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये कर दिया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद कुल शुल्क में 40 से 55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ECC के नाम पर 2015 से ट्रांसपोर्टरों से करोड़ों रुपये की वसूली हो चुकी है। इसके बावजूद वायु गुणवत्ता में खास सुधार देखने को नहीं मिला है।