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DMRC: दिल्ली मेट्रो को मिली बिना ड्राइवर वाली ‘मेक इन इंडिया’ टेक्नोलॉजी से लैस ट्रेन, तीन लाइनों पर इस स्पीड से चलेगी

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31.2 करोड़ यूरो मूल्य की इस परियोजना में 15 साल का रखरखाव शामिल है, जो DMRC द्वारा किसी OEM को इस तरह की पहली आउटसोर्सिंग है।

Last Updated- September 24, 2024 | 3:31 PM IST
DMRC: Delhi Metro gets driverless train equipped with 'Make in India' technology, will run at this speed on three lines DMRC: दिल्ली मेट्रो को मिली बिना ड्राइवर वाली ‘मेक इन इंडिया’ टेक्नोलॉजी से लैस ट्रेन, तीन लाइनों पर इस स्पीड से चलेगी

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) को सोमवार को चालक रहित तकनीक से लैस पहला मेट्रोपोलिस मेट्रो ट्रेनसेट प्राप्त हुआ जो एक मूल उपकरण निर्माता (OEM) को आउटसोर्स की गई पहली परियोजना का हिस्सा है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

DMRC के प्रबंध निदेशक (MD) विकास कुमार ने बताया, ‘‘दिल्ली मेट्रो परिवार के लिए ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि हमने चौथे चरण के गलियारों को शुरू करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है।’’

कुमार ने कहा कि नए चरण के विस्तार के लिए पहले ट्रेन सेट को आंध्र प्रदेश के श्री सिटी से रवाना कर दिया गया है और हम अपने यात्रियों के लिए विस्तारित सुविधाओं और पर्यावरण हितैषी यात्रा के नये युग में प्रवेश कर रहे हैं।

विज्ञप्ति के मुताबिक ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत, महानगरीय रेलगाड़ियों को भारत में श्री सिटी में एल्सटॉम की निर्माण इकाई में डिजाइन किया जा रहा है और ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन (जीओए)-4 चालक रहित प्रौद्योगिकी से लैस किया गया है।

इसमें कहा गया कि ट्रेनसेट को 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित तरीके से संचालित करने और 85 किमी प्रति घंटे तक की परिचालन गति पर संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस ट्रेन सेट को दिल्ली मेट्रो की तीन लाइन पर परिचालित किया जाएगा जिनमें दो विस्तारित लाइन और नई गोल्ड लाइन-10 शामिल है जिसकी लंबाई करीब 64.67 किमी है।

विज्ञप्ति के मुताबिक 31.2 करोड़ यूरो मूल्य की इस परियोजना में 15 साल का रखरखाव शामिल है, जो DMRC द्वारा किसी OEM को इस तरह की पहली आउटसोर्सिंग है।

एल्सटॉम के प्रबंध निदेशक ओलिवियर लोइसन के मुताबिक मेट्रो ट्रेन सेट नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने और शहर के विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

विज्ञप्ति के मुताबिक यह ठेका चौथे चरण के परिचालन के मद्देनजर नवंबर 2022 में दिया गया था और इसके तहत छह डिब्बों वाले कुल 52 ट्रेन सेट की आपूर्ति करने का लक्ष्य है।

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First Published - September 24, 2024 | 3:28 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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