गत वर्ष दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान एआई-171 की हादसे से संबंधित अंतिम रिपोर्ट तब जारी की जाएगी जब सभी ‘जांच गतिवधियां’ और ‘आवश्यक अंतरराष्ट्रीय समीक्षा एवं परामर्श प्रक्रियाएं’ अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के परिशिष्ट 13 के नियमों के अनुसार पूरी हो जाएंगी। यह बात विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) ने शुक्रवार को इस विमान हादसे की पहली बरसी के मौके पर कही। परिशिष्ट 13 किसी भी विमान दुर्घटना की जांच करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का निर्धारण करता है।
नागरिक विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने एक्स पर लिखा कि एआई-171 विमान दुर्घटना की जांच स्थापित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं के अनुसार परिश्रम और पेशेवर ढंग से जारी है। गत वर्ष 12 जून को एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई-171 के तहत एक बोइंग 787-8 विमान अहमदाबाद हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान मेघानी नगर के आवासीय क्षेत्र में स्थित बी. जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की इमारत से टकरा गया। उस हादसे में विमान में सवार 241 लोग और जमीन पर 19 लोगों की मौत हो गई थी।
शुक्रवार को शोकाकुल परिवार दुर्घटनास्थल पर एकत्र हुए और प्रार्थना व पुष्पांजलि अर्पित की। मित्रों, आम जनता और गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस त्रासदी की गंभीर वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए उनके साथ इसमें भाग लिया। यह कार्यक्रम हॉस्टल परिसर के पास आयोजित किया गया। एएआईबी ने एक बयान में दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। एएआईबी ने कहा कि वह मामले की जांच को विमान दुर्घटनाओं की जांच से संबंधित नियम 2017 और आईसीएओ परिशिष्ट 13 के तहत संचालित कर रहा है।
बयान में कहा गया कि तथ्यात्मक जानकारी वाली एक प्रारंभिक रिपोर्ट 12 जुलाई, 2025 को जारी की गई थी। यह भी कहा गया कि पिछले वर्ष जांच दल ने दुर्घटना से संबंधित सभी प्रासंगिक तकनीकी, परिचालन, संगठनात्मक और मानवीय कारकों की व्यापक और कठोर परीक्षा की है। बयान में यह भी कहा गया कि ‘इस प्रयास को मान्यता प्राप्त प्रतिनिधियों, तकनीकी सलाहकारों और संबंधित संगठनों के विषय विशेषज्ञों का समर्थन मिला है। विमान प्रणालियों, फ्लाइट रिकॉर्डर डेटा, इंजन-संबंधित घटकों, रखरखाव और परिचालन अभिलेखों तथा अन्य साक्ष्यों की परीक्षा और विश्लेषण में महत्त्वपूर्ण प्रगति हुई है।’
यह भी कहा गया कि संग्रहित साक्ष्यों और विभिन्न परीक्षाओं के परिणामों का फिलहाल ‘व्यापक और एकीकृत तरीके’ से विश्लेषण किया जा रहा है। एएआईबी ने बताया कि वह जरूरी होने पर अतिरिक्त तकनीकी मूल्यांकन और विशेषज्ञ परीक्षाएं जारी रखेगा ताकि सभी निष्कर्ष ‘सत्यापित साक्ष्य और ठोस वैज्ञानिक विश्लेषण’ द्वारा समर्थित हों।
कहा गया कि अंतिम रिपोर्ट सभी जांच गतिविधियों और आईसीएओ परिशिष्ट 13 के अंतर्गत निर्धारित आवश्यक अंतरराष्ट्रीय समीक्षा एवं परामर्श प्रक्रियाओं के पूरा होने पर जारी की जाएगी। एएआईबी ने कहा कि किसी भी दुर्घटना की जांच का एकमात्र उद्देश्य सबक और सुरक्षा सिफारिशों की पहचान के माध्यम से विमानन सुरक्षा को बढ़ाना है, न कि दोष या दायित्व तय करना। एएआईबी ने मीडिया और जनता समेत सभी हितधारकों से आग्रह किया कि जब तक जांच जारी है तब तक अटकलों या समयपूर्व निष्कर्षों से बचें।