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सरकार ने पॉलिमर, स्टील, दवा, अन्य उद्योगों के लिए LPG आवंटन को मंजूरी दी

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पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा है कि इन क्षेत्रों की इकाइयों को मार्च, 2026 से पहले की उनकी औसत खपत का 70 फीसदी हिस्सा मिलेगा

Last Updated- April 08, 2026 | 8:22 PM IST
Commercial lpg cylinder price hike

केंद्र सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई का दायरा बढ़ाते हुए अब ज्यादा उद्योगों को आवंटन की मंजूरी दे दी है। हालांकि इकाइयों को पश्चिम एशिया युद्ध से पहले की अपनी खपत का अधिकतम 70 फीसदी हिस्सा ही मिल सकेगा। इसके साथ ही सरकार ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुल 200 टन प्रतिदिन एलपीजी की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की है।

किन-किन उद्योगों को मिलेगी LPG?

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा है कि इस सुविधा के पात्र उद्योगों में पॉलिमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट, स्टील, मेटल, कांच, दवा, खाद्य, यूरेनियम, भारी जल, सिरेमिक, और ढलाई इकाइयां शामिल हैं। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि गैस सप्लाई में प्राथमिकता उन औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को दी जाएगी जहां विशिष्ट प्रक्रियाओं के लिए एलपीजी अनिवार्य है और जिसे प्राकृतिक गैस से नहीं बदला जा सकता है।

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औसत खपत का 70% ही मिलेगा गैस

पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा है कि इन क्षेत्रों की इकाइयों को मार्च, 2026 से पहले की उनकी औसत खपत का 70 फीसदी हिस्सा मिलेगा। विश्लेषकों का कहना है कि सरकार का यह कदम कमर्शियल गैस सप्लाई की कमी को दूर करने और औद्योगिक उत्पादन को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह सरकार की उस व्यापक रणनीति को भी जारी रखता है जिसमें घरों एवं परिवहन क्षेत्र के लिए सीएनजी एवं पीएनजी की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - April 8, 2026 | 8:22 PM IST

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