facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

समुद्र में महत्वपूर्ण मिनरल्स के भंडार की तलाश में जुटी सरकारः सचिव

Advertisement
Last Updated- February 17, 2023 | 6:12 PM IST
Earnings of oil marketing companies will increase in the fourth quarter!

खान मंत्रालय (Ministry of Mines) में सचिव विवेक भारद्वाज ने शुक्रवार को कहा कि सरकार निकेल जैसे खनिजों (Minerals) के भंडार की समुद्री क्षेत्र में तलाश में जुटी हुई है और आगे चलकर इन भंडारों की बिक्री भी की जाएगी।

खान मंत्रालय ने अपतटीय क्षेत्र खनिज विकास एवं नियमन अधिनियम, 2002 में संशोधन के लिए हितधारकों से इस पर राय मांगी है।

भारद्वाज ने यहां उद्योग मंडल सीआईआई के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘महत्वपूर्ण खनिजों के अधिक महत्वपूर्ण होते जाने से ऐसी सोच ने जन्म लिया है कि हम समुद्री क्षेत्र में इनका खनन क्यों नहीं कर रहे। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम समुद्री खनिज का खनन नहीं कर पा रहे हैं। अब हम इस कानून को संशोधित कर रहे हैं और इस बारे में सभी हितधारक अपनी राय दे सकते हैं।’

उन्होंने कहा कि खान मंत्रालय समुद्री इलाके में महत्वपूर्ण खनिजों को चिह्नित करने की प्रक्रिया में लगा हुआ है। इस प्रक्रिया में किसी अन्य पक्ष के हितधारक नहीं होने से भारत सरकार इस खनिज भंडार की नीलामी करेगी।

खान सचिव ने इसे उद्योग जगत के लिए एक बड़ा मौका बताते हुए कहा, ‘यह एकदम अलग तरह का कारोबारी परिचालन होगा।’

तांबा, लिथियम, निकेल, कोबाल्ट एवं दुर्लभ पृथ्वी तत्वों जैसे महत्वपूर्ण खनिज आज की स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी वाले दौर में बेहद जरूरी घटक हैं। इनका इस्तेमाल पवन चक्कियों से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक में होता है।

भारद्वाज ने कहा कि एल्युमिनियम एवं अन्य धातुओं की रिसाइक्लिंग (दोबारा इस्तेमाल) भारत को आत्म-निर्भर बनने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योग जगत से ‘रिसाइक्लिंग’ गतिविधियों में भी शामिल होने का अनुरोध किया।

Advertisement
First Published - February 17, 2023 | 6:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement