सरकार ने विपक्षी दलों के सांसदों के इस दावे के बाद जांच के आदेश दिए हैं कि उन्हें (विपक्षी सांसदों को) सरकार ‘‘प्रायोजित हैकर्स’’ की तरफ से उनके आईफोन से छेड़छाड़ किये जाने को लेकर चेतावनी संदेश मिले हैं। विपक्षी सांसदों ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि उन्हें चेतावनी संदेश मिले जिसके बाद एप्पल ने इसे भेजने की पुष्टि की।
दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार सभी नागरिकों की गोपनीयता और सुरक्षा का संरक्षण करने की अपनी भूमिका को बहुत गंभीरता से लेती है और ‘‘इन संदेशों की तह तक जाने के लिए जांच करेगी।’’
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने कहा कि सरकार चाहती है कि एप्पल यह स्पष्ट करे कि क्या उसके उपकरण सुरक्षित हैं और 150 से अधिक देशों में लोगों को ‘खतरे की चेतावनी’ क्यों भेजी गई, जबकि कंपनी अपने उत्पादों के सुरक्षित होने का दावा करती है।
वैष्णव ने ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि एप्पल द्वारा ‘सरकार प्रायोजित हमलों’ के बारे में सूचना की जानकारी ‘‘अस्पष्ट और गैर-विशिष्ट प्रकृति की लगती है।’’ उन्होंने कहा कि एप्पल के अनुसार, ये सूचनाएं उन सूचनाओं पर आधारित हो सकती हैं जो ‘अधूरी या अपूर्ण’ हैं।
मंत्री ने कहा कि एप्पल के बयान से संकेत मिलता है कि ‘‘एप्पल की कुछ खतरे की सूचनाएं गलत चेतावनी हो सकती हैं और कुछ हमलों का पता नहीं चल सकता।’’
वैष्णव ने अपने पोस्ट में कहा कि एप्पल ने यह भी दावा किया है कि एप्पल आईडी, उपकरणों पर सुरक्षित रूप से ‘एन्क्रिप्टेड’ होते हैं, जिससे उपयोगकर्ता की स्पष्ट अनुमति के बिना उन तक पहुंचना या उन्हें पहचानना बहुत मुश्किल होता है।
उन्होंने कहा कि यह एन्क्रिप्शन उपयोगकर्ता की एप्पल आईडी की सुरक्षा करता है और यह सुनिश्चित करता है कि यह निजी और संरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि एप्पल को ‘‘कथित सरकार-प्रायोजित हमलों पर वास्तविक, सटीक जानकारी के साथ जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है।’’
वैष्णव ने भोपाल में प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘यह बहुत ही तकनीकी तरह की जांच होगी। इसके लिए तकनीकी जानकारी की आवश्यकता है। इसलिए, सर्ट-इन (भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल) जांच करेगा, जिसका दुनिया के सभी प्रमुख विशेषज्ञों के साथ तालमेल है।
आवश्यकता पड़ने पर अन्य सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मदद लेंगे।’’ चन्द्रशेखर ने कहा कि सरकार नागरिकों की गोपनीयता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध और कर्तव्यबद्ध है और इस जिम्मेदारी को बहुत गंभीरता से लेती है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार खतरे की चेतावनी और एप्पल के सुरक्षित तथा निजता का पालन करने वाले उपकरण होने के दावों की भी जांच करेगी।’’ उन्होंने कहा कि उम्मीद है एप्पल इस पर भी स्पष्टीकरण देगी कि उसके उपकरण सुरक्षित हैं, तो ये ‘‘खतरे की चेतावनी 150 से अधिक देशों के लोगों को क्यों भेजी गई हैं।’’
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की महुआ मोइत्रा, कांग्रेस के शशि थरूर समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने संभावित हैकिंग प्रयास के बारे में अपने आईफोन पर प्राप्त चेतावनी संदेश के बारे में ‘एक्स’ पर पोस्ट किया।
एप्पल ने कहा कि वह विपक्षी दलों के कुछ सांसदों को भेजे गए चेतावनी संदेश को किसी विशिष्ट सरकार-प्रायोजित हमलावरों से नहीं जोड़ती और वह इस बारे में जानकारी नहीं दे सकती है कि ऐसी चेतावनियों का कारण क्या है।
कंपनी ने कहा, ‘‘एप्पल खतरे की सूचनाओं के लिए किसी विशिष्ट सरकार-प्रायोजित हमलावर को जिम्मेदार नहीं ठहराता।’’ एप्पल ने कहा कि सरकार प्रायोजित हमलावर ‘‘आर्थिक और तकनीकी रूप से बहुत मजबूत होते हैं और उनके हमले समय के साथ विकसित होते हैं।’’
कंपनी ने कहा, ‘‘ऐसे हमलों का पता लगाना खतरे के खुफिया संकेतों पर निर्भर करता है जो अक्सर अधूरे होते हैं। यह संभव है कि एप्पल के खतरे संबंधी कुछ सूचनाएं गलत चेतावनी हो सकती हैं या कुछ हमलों का पता नहीं चल पाता।’’
एप्पल ने कहा, ‘‘हम इस बारे में जानकारी देने में असमर्थ हैं कि किस कारण से हमें खतरे की सूचनाएं जारी करनी पड़ रही हैं, क्योंकि इससे सरकार-प्रायोजित हमलावरों को भविष्य में पकड़े जाने से बचने के लिए अपने तौर तरीके को बदलने में मदद मिल सकती है।’’
इस बीच, सूत्रों ने कहा कि एप्पल ने लगभग 150 देशों में उन व्यक्तियों को चेतावनी संबंधी सूचनाएं भेजी हैं, जिनके अकाउंट हैं।