वित्त मंत्रालय ने सोमवार को सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को खर्चों में कटौती के उपाय लागू करने का निर्देश दिया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स द्वारा देखे गए एक आदेश के अनुसार, इसमें यात्रा खर्चों पर कड़ी रोक और चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने जैसे कदम शामिल हैं।
यह आदेश, खर्चों में व्यापक कटौती अभियान का हिस्सा है, और इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) जैसी संस्थाएं और देश भर में उनके लाखों कर्मचारी शामिल होंगे।
वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि नए उपायों के तहत सभी बैठकें, समीक्षा और कंसल्टेशन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किए जाएंगे, जब तक कि किसी बैठक में फिजिकल उपस्थिति को अनिवार्य न माना जाए।
आदेश में कहा गया है कि इन संगठनों के शीर्ष अधिकारियों- जिनमें चेयरपर्सन, प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शामिल हैं — की विदेशी यात्राओं को निर्धारित सीमा से नीचे रखा जाए। जहां संभव हो, विदेशी कार्यक्रमों और बैठकों में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया जाए।
इसके अलावा, सरकार ने इन संगठनों को इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के निर्देश भी दिए हैं।
Also Read: यूरोप कारोबार सुधरा, भारत का बिजनेस मजबूत… Tata Steel पर क्या कह रहे ब्रोकरेज, जानें टारगेट
आदेश में कहा गया है, “सभी संगठन अपने मुख्यालय (head offices) और शाखा कार्यालयों (branch offices) में किराये पर ली गई पेट्रोल और डीजल वाहनों को जहां तक संभव हो, इलेक्ट्रिक कारों से बदलने का लक्ष्य रखें।”
यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले सप्ताह की उस अपील के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों से मितव्ययिता अपनाने और खर्चों में संयम बरतने को कहा था। सरकार बढ़ते वैश्विक तनावों के आर्थिक असर को लेकर सतर्क है।
पश्चिम एशिया में लंबे समय तक जारी संघर्ष से आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ने, महंगाई बढ़ने और भुगतान संतुलन पर दबाव बढ़ने का खतरा है। इस बीच भारतीय रुपया इस वर्ष एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन चुका है और रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है।
लागत में कटौती के प्रयासों के तहत भारत के कई राज्यों ने कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने के निर्देश भी दिए हैं।