वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि कनाडा के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को गति देने के मकसद से वह अगले महीने कनाडा जाएंगे। मंत्री ने कहा कि कनाडा के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के लिए बातचीत के दायरे को अंतिम रूप दे दिया गया है और बातचीत तेज हो गई है। 2023 में राजनयिक तनाव के कारण रुकी बातचीत फिर से शुरू हुई है।
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा आयोजित विश्व बौद्धिक संपदा (आईपी) दिवस 2026 के समापन सत्र को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि चिली के अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ता प्रभारी मंत्री 12 मई को भारत का दौरा करेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि भारत पेरू के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर भी चर्चा कर रहा है।
भारत अब तक 9 मुक्त व्यापार समझौते कर चुका है। इससे करीब दो तिहाई वैश्विक अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार तक भारत को तरजीही पहुंच मिल गई है। इसमें 38 विकसित और अमीर देश शामिल है। गोयल ने स्वीकार किया कि 6 देशों वाले गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के साथ एफटीए पर बातचीत पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण रुक गई है, लेकिन इसे बहाल करने के लिए कवायद जारी है।
उन्होंने कहा कि रूस के नेतृत्त्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (ईएईयू) और साउथ अफ्रीकन कस्टम्स यूनियन (एसएसीयू) के साथ हम बातचीत कर रहे हैं। एसएसीयू में दक्षिण अफ्रीका शामिल है। गोयल ने घोषणा की, ‘दुनिया एक बार फिर हमारे साथ है। भारत दुनिया का आकर्षण है।’ उन्होंने कारोबारियों और नवोन्मेषकों से ‘पेटेंट, प्रोड्यूस और प्रॉस्पर’ के मंत्र से बाजार खुलेपन का लाभ उठाने का आग्रह किया। खेल संबंधी सभी बौद्धिक संपदा फाइलिंग के लिए तत्काल प्रभाव से लागू 3 साल का शून्य शुल्क की व्यवस्था लागू है। इस छूट में पेटेंट, ट्रेडमार्क, डिजाइन, कॉपीराइट, भौगोलिक संकेत और पारंपरिक ज्ञान उत्पाद शामिल हैं।
गोयल ने कहा कि खेल उपकरण, डिजाइन, ऐप्स, मीडिया अधिकार या पारंपरिक ज्ञान में प्रत्येक नए विचार को तुरंत पंजीकृत किया जाना चाहिए। सरकार इसके लिए समर्थन योजना भी लाएगी, जिसका ब्योरा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य खेल में नवाचार और व्यवसायीकरण को बढ़ावा देना है, जिसमें क्रिकेट बल्ले, हॉकी स्टिक, गेंदें, जिम उपकरण और सहायक उपकरण का निर्माण शामिल है।