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Gyanvapi तहखाने में पूजा की कोर्ट ने दी इजाजत, 2-3 दिनों में होगी शुरू

अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी इस आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती देने की योजना बना रही है

Last Updated- January 31, 2024 | 6:32 PM IST
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वाराणसी कोर्ट ने बुधवार को हिंदू याचिकाकर्ताओं को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के तहखाने में पूजा करने की अनुमति दे दी, जिसे ‘व्यास तेखाना’ के नाम से जाना जाता है।

अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर आदेश लागू करने का निर्देश दिया गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर के अध्यक्ष नागेंद्र पांडे ने कहा कि पूजा 2-3 दिनों में शुरू होगी और शुरू होने के बाद रोजाना आयोजित की जाएगी।

सीएनएन-न्यूज18 में छपी खबर के मुताबिक, पांडे ने पूरे ज्ञानवापी मंदिर में पूजा आयोजित करने की इच्छा जताई, और पूजा के लिए क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक दरवाजा बनाने की योजना का जिक्र किया।

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने इस घटनाक्रम को ”ऐतिहासिक फैसला” बताया। उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने आदेश को कार्यान्वयन के लिए जिला मजिस्ट्रेट को भेज दिया है।

जैन ने कहा कि पूजा सात दिनों के भीतर शुरू होगी, और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट पूजा की कार्यवाही पर निर्णय लेगा। उन्होंने जल्द ही कानूनी लड़ाई जीतने का भरोसा जताया और कहा कि परिसर सभी आगंतुकों के लिए खुला रहेगा।

एडवोकेट ने कहा कि व्यास तेखाना में पूजा बिना किसी कानूनी दस्तावेज के रोक दी गई थी, लेकिन अब, सात दिनों के भीतर, पूजा फिर से शुरू होगी।

हिंदू पक्ष के एक अन्य वकील मदन मोहन ने कहा कि वहां पूजा रोकने का कोई वैध कारण नहीं था और उन्हें गर्व है कि मंदिर ट्रस्ट अब पूजा आयोजित करेगा। मोहन ने इस बात पर जोर दिया कि यह शुरुआती कदम है और अगर इस फैसले का विरोध होता है तो वे जवाब देने के लिए तैयार हैं।

अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी इस आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती देने की योजना बना रही है, जबकि हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले विष्णु जैन का लक्ष्य कैविएट दायर करके यह सुनिश्चित करना है कि उनकी आवाज पहले सुनी जाए।

पिछले साल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा एक सर्वेक्षण के दौरान तहखाने को साफ किया गया था, और जिला प्रशासन ने 17 जनवरी को इसे अपने नियंत्रण में ले लिया। यह फैसला व्यास के तहखाने में पूजा फिर से शुरू करने के हिंदू पक्ष के अनुरोध के बाद आया है।

सोमवार को हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद के भीतर ‘वजुखाना’ इलाके की सील हटाने की अर्जी दाखिल की। कथित तौर पर वहां एक ‘शिवलिंग’ पाए जाने के बाद शीर्ष अदालत ने 2022 में इस क्षेत्र को सील कर दिया था।

याचिका में अदालत से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को ‘शिवलिंग’ को कोई नुकसान पहुंचाए बिना ‘वज़ुखाना’ क्षेत्र में एक नया सर्वेक्षण करने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है।

First Published - January 31, 2024 | 6:32 PM IST

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