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H1-B वीजा शुल्क बढ़ोतरी के आदेश के बाद अमेरिका की ऑनलाइन बुकिंग में अचानक उछाल

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नैसडैक पर सूचीबद्ध ट्रैवल बुकिंग ऐप मेकमाई ट्रिप ने शनिवार सुबह से ही अमेरिकी यात्रा से कुछ पहले तक की बुकिंग में खासा इजाफा देखा

Last Updated- September 21, 2025 | 10:37 PM IST
ATF Price
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा का शुल्क बढ़ाने के आदेश और वहां की टेक कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को समय से पहले ही देश लौटने के निर्देश जारी किए जाने के बाद ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटरों ने अमेरिका की बुकिंग में तेजी देखी है। लोगों ने अमेरिका की बुकिंग के लिए हड़बड़ी दिखाई है।

नैसडैक पर सूचीबद्ध ट्रैवल बुकिंग ऐप मेकमाई ट्रिप ने शनिवार सुबह से ही अमेरिकी यात्रा से कुछ पहले तक की बुकिंग में खासा इजाफा देखा। मेक माईट्रिप के प्रवक्ता ने कहा, ‘लंबी दूरी वाली श्रेणी के मामले में उसी दिन या अगले दिन की यात्रा के लिए बुकिंग में यह इजाफा असामान्य बात है।’

इसी तरह क्लियरट्रिप पर भी सप्ताहांत के दौरान अमेरिका के लिए बुकिंग असामान्य रूप से अधिक रही। प्लेटफॉर्म की मुख्य विकास और कारोबार अधिकारी मंजरी सिंघल ने कहा ‘हम एच-1बी वीजा के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। हम इसके अल्पकालिक और दीर्घकालिक प्रभावों को समझ रहे हैं। बुकिंग के लिहाज से हम अमेरिका को बुकिंग की मांग में काफी वृद्धि देख रहे हैं।’

एक ट्रैवल प्लेटफॉर्म के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा ने लोगों के बीच बेचैनी पैदा कर दी है और वे अमेरिका में ही रहना चाहेंगे। हालांकि अभी तक हमें दीर्घकालिक बुकिंग पर कोई असर नहीं दिखा है, लेकिन आने वाले चरम सीजन में अमेरिका से भारत की यात्रा पर चिंता की इस लहर का असर पड़ेगा।’

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत कंपनियों को एच-1बी वीजा वाले प्रत्येक कर्मचारी के लिए सालाना 1,00,000 डॉलर का भुगतान करना होगा। इसके बाद माइक्रोसॉफ्ट, एमेजॉन, मेटा और जेपी मॉर्गन जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों को विदेश यात्रा से बचने की सलाह जारी की। टेक कंपनियों ने उन कर्मचारियों से भी 21 सितंबर की समय सीमा से पहले लौटने को कहा है, जो अमेरिका से बाहर हैं।

अलबत्ता अमेरिकी सरकार ने बाद में स्पष्ट किया कि यह नया नियम अगले लॉटरी चक्र के नए आवेदकों पर ही लागू होगा, मौजूदा एच-1बी वीजा धारकों पर नहीं। यह भी कहा गया है कि 1,00,000 डॉलर की यह वीजा शुल्क वृद्धि केवल नए आवेदकों पर एक बार ही लागू होगी। इस बीच अमेरिका की यात्रा के लिए ऑनलाइन सर्च में रविवार को कमी आई। अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन के वीजा से जुड़े स्पष्टीकरण या पहले से की जा चुकी बुकिंग के कारण ऐसा हो सकता है।

अलबत्ता भारत और अमेरिका के बीच सीधी उड़ानें संचालित करने वाली एक विमानन कंपनी के अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि अमेरिकी सरकार द्वारा एच-1बी से संबंधित हालिया घोषणाओं के बाद टिकट रद्द करने या बुकिंग में अचानक कोई वृद्धि नहीं हुई है। अधिकारी ने कहा कि हालांकि नए शुल्कों के संबंध में ट्रंप की पहली घोषणा के बाद अमेरिका को उड़ानों के मामले में विमानन कंपनी की वेबसाइट पर ट्रैफिक में थोड़ी वृद्धि हुई थी, लेकिन यह गतिविधि जल्द ही कम हो गई।

विमानन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के अनुसार वर्तमान में तीन विमानन कंपनियां – एयर इंडिया, यूनाइटेड एयरलाइंस और अमेरिकन एयरलाइंस इस मार्ग पर सीधी सेवाएं संचालित करती हैं। एयर इंडिया प्रति सप्ताह 50 उड़ानें तथा यूनाइटेड और अमेरिकन एयरलाइंस में से प्रत्येक 14 उड़ानें संचालित करती हैं।

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First Published - September 21, 2025 | 10:37 PM IST

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