Haldwani News Updates Today: उत्तराखंड के हल्द्वानी में भयंकर हिंसा के बाद हालात काफी गंभीर होते जा रहे हैं। नैनीताल जिले में हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके की ताजा स्थिति को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। साथ ही प्रशासन ने सभी स्कूल-कॉलेजों को भी बंद करने का आदेश दिया है।
बता दें कि हल्द्वानी में गुरुवार को भड़की हिंसा में अब तक 4 लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
हलद्वानी हिंसा | हलद्वानी के बनभूलपुरा में हिंसा के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। घटना में अब तक 4 लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। प्रशासन ने सभी स्कूल-कॉलेजों को भी बंद करने का आदेश दिया है: नैनीताल जिला प्रशासन https://t.co/j7VgZE0EPz
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 9, 2024
आखिर क्यों भड़की उत्तराखंड के हल्द्वानी में हिंसा? जानें कब और क्यों शुरू हुआ बवाल-
उत्तराखंड में हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में गुरुवार को उस वक्त हिंसा की चिंगारी भड़क उठी, जब नगर निगम ने जेसीबी मशीन लगाकर अवैध मदरसा एवं नमाज स्थल को ध्वस्त कर दिया, जिसके बाद क्षेत्र में पैदा हिंसक स्थिति को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं ।
बता दें कि अतिक्रमण हटाने गई टीम को चारों तरफ से उपद्रवियों ने घेरकर पत्थरबाजी शुरू कर दी थी। विशेष समुदाय के लोगों द्वारा किए गए पत्थराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। एसडीएम हल्द्वानी और कालाढुंगी भी इस हमले में घायल हुए हैं।
हिंसा का माहौल पूरे शहर में देखने को मिला। उपद्रवियों ने शेहर में आगजनी के बाद कई वाहन फूंक डाले गए। भीड़ वनभूलपुरा थाने पर पहुंच कर आगजनी कर दी। थाने के सामने खड़ी फायर ब्रिगेड की वैन समेत कई अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।
हिंसा के बाद, कोतवाली में डीआईजी की प्रशासन के साथ रात 2 बजे बैठक बुलाई गई। क्षेत्र में कर्फ्यू लगने के बाद स्थिती को काबू में किया गया। हालांकि, गंभीर माहोल को देखते हुए हल्द्वानी में धारा 144 लागू कर दी गई है। शेहर की सभी दुकानें बंद कर दी गईं हैं। साथ ही कर्फ्यू लगने के बाद शहर और आसपास के सभी स्कूलों को भी बंद करने का आदेश दिया गया है।
#WATCH | Security heightened in the violence-hit area of Haldwani, Uttarakhand.
Violence broke out in Banbhoolpura, Haldwani yesterday, following an anti-encroachment drive. pic.twitter.com/aatgMlHiyh
— ANI (@ANI) February 9, 2024
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राजधानी देहरादून में उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर हालात की समीक्षा की तथा अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के लिये अधिकारियों को निर्देश दिए। इलाके में भारी संख्या में पुलिसबलों की तैनाती है। कुल मिलाकर इलाके में पूरी तरह से लॉकडाउन वाले हालात हैं. केवल जरूरी कार्यों को ही करने की छूट है।
नैनीताल के जिलाधिकारी ने फोन पर मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि अशान्ति वाले क्षेत्र बनभूलपुरा में स्थिति को सामान्य बनाये रखने के लिए दंगाइयों को देखते हीं गोली मारने के आदेश दिये गए हैं।
हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में मालिक का बगीचा की करीब 2 एकड़ भूमि को नजल भूमि बताते हुए प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम 29 जनवरी को मौके पर पहुंची थी। भूमि पर बना हुआ पक्का निर्माण अतिक्रमण टीम ने ढहाया। बता दें कि उस दिन जमीन पर बने एक मदरसे और धार्मिक स्थल को उस दिन नहीं तोड़ा गया था। फिर, अगले दिन अतिक्रमण टीम ने मौके पर पहुंचकर तारबंदी कर दी। इसी दिन शाम को प्रशासन की ओर से अतिक्रमणकारी को नोटिस जारी कर 1 फरवरी तक दोनों अवैध निर्माण को हटाने को कहा गया। हालांकि, 1 फरवरी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन 3 फरवरी को विरोध में वनभूलप़रा क्षेत्र के लोगों ने नगर निगम कार्यालय पर पहुंचकर अधिकारियों के सामने विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, तब भी बात नहीं बनी।
4 फरवरी की सुबह 6:00 बजे, अधिकारियों की टीम ने अतिक्रमण तोड़ने का फैसला लिया। जैसे ही इसकी भनक लोगों को मिली तो दर्जनों महिलाएं मलिक के बगीचे के पास दुआएं पढ़ने बैठ गई। देर रात वनभूलपुरा थाने में एसएसपी प्रहलाद नारायण सिंह मीणा की मौजूदगी में प्रशासन और निगम अफसरों की बैठक हुई। इस दौरान दोनों निर्माण ध्वस्त न करने का फैसला लिया गया और प्रशासन की एक टीम ने रात में मदरसा और धार्मिक स्थल सील कर दिया था।हालांकि, गुरुवार (8 फरवरी) दोपहर को प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की टीम मौके पर अतिक्रमण ध्वस्त करने अचानक पहुंच गईं।
नैनीताल की डीएम वंदना सिंह ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”हाईकोर्ट के आदेश के बाद हलद्वानी में विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई है।” उन्होंने बताया कि सभी को सुनवाई के लिए नोटिस और समय दिया गया… कुछ ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, कुछ को समय दिया गया, जबकि कुछ को समय नहीं दिया गया। जहां समय नहीं दिया गया वहां पीडब्ल्यूडी और नगर निगम की ओर से तोड़फोड़ अभियान चलाया गया। यह कोई आइसोलेटेड एक्टीविटी नहीं थी और न ही किसी विशेष परिसंपत्ति को टार्गेट करना था…”
वन्दना सिंह ने कहा, “हमने डिमोलिशन अभियान जारी रखने का फैसला किया क्योंकि परिसंपत्तियों पर कोई रोक नहीं था, किसी व्यक्ति का अधिकार नहीं था… विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है और इसलिए यहां भी ऐसा किया गया। हमारी टीमें और संसाधन मूव हुई और किसो को उकसाया या नुकसान नहीं पहुंचाया गया जिससे जनसंपत्ति की हानि हमारी टीमों (पुलिस और प्रशासन) के माध्यम से हो। अभियान शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ… पूरी प्रक्रिया ठीक से होने के बावजूद आधे घंटे के भीतर एक बड़ी भीड़ ने हमारी नगर निगम टीम पर पहला हमला किया…”
#WATCH हल्द्वानी (उत्तराखंड): वन्दना सिंह (डीएम,नैनीताल) ने कहा, ” परिसंपत्तियों के नुकसान में मुख्य रूप से थाना को पूरी तरह से नुकसान हुआ है। भीड़ ने पुलिस स्टेशन को क्षतिग्रस्त कर दिया…यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सांप्रदायिक… pic.twitter.com/mSyGLyzspx
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 9, 2024
नैनीताल की डीएम ने कहा, ” परिसंपत्तियों के नुकसान में मुख्य रूप से थाना को पूरी तरह से नुकसान हुआ है। भीड़ ने पुलिस स्टेशन को क्षतिग्रस्त कर दिया…यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सांप्रदायिक घटना नहीं थी। तो इसे सांप्रदायिक या संवेदनशील न बनाया जाए। किसी विशेष समुदाय ने जवाबी कार्रवाई नहीं की…यह राज्य मशीनरी, राज्य सरकार और कानून व्यवस्था की स्थिति को चुनौती देने का एक प्रयास था…शाम को फिर से ब्रीफिंग की जाएगी…”