India Under Heatwave Grip: देशभर में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से में भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप बना रहेगा। दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में सूरज की तपिश लोगों को बेहाल कर रही है। शनिवार को राजधानी दिल्ली में लगातार दूसरे दिन लू का असर देखा गया, जिसके बाद मौसम विभाग ने यहां के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी कर दिया है। न केवल दिल्ली, बल्कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है।
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश का प्रयागराज शुक्रवार को सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा, राजस्थान के बाड़मेर में पारा 44.8 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी का आलम यह है कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भी लू चलने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में शनिवार को न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री ज्यादा है। दोपहर तक यहां का तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, लेकिन हवा में नमी और अन्य कारणों से यह महसूस 42.4 डिग्री सेल्सियस जैसा हो रहा था।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिल्ली में हीटवेव तब घोषित की जाती है जब तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री अधिक हो और 40 डिग्री की सीमा को पार कर जाए। स्काईमेट वेदर के एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल शनिवार को राहत मिलने की उम्मीद कम है, हालांकि 26 से 28 अप्रैल के बीच हल्की बारिश या धूल भरी आंधी चलने से तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
भीषण गर्मी को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। ओडिशा सरकार ने बढ़ते तापमान को देखते हुए सोमवार से राज्य के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है। ओडिशा के 18 शहरों में पारा 40 डिग्री के ऊपर बना हुआ है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद जैसे जिलों में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक मजदूरों के काम करने पर रोक लगा दी गई है ताकि उन्हें लू की चपेट में आने से बचाया जा सके। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में भी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। कर्नाटक सरकार ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वे विशेष ‘हीटस्ट्रोक यूनिट’ तैयार रखें, जो 31 जुलाई तक चालू रहेंगी।
गर्मी का सबसे अनोखा और गंभीर प्रभाव केरल में देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक उच्च स्तरीय बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सांपों के काटने की घटनाओं पर नजर रखें। दरअसल, भीषण गर्मी के कारण सांप ठंडी जगहों की तलाश में घरों के भीतर घुस रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को सभी केंद्रों पर एंटी-वेनम (सांप के जहर की काट) की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही, राज्य में ‘अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस’ नामक दुर्लभ मस्तिष्क संक्रमण के प्रति भी आगाह किया गया है। यह संक्रमण गंदे और ठहरे हुए पानी में पाए जाने वाले ‘दिमाग खाने वाले अमीबा’ की वजह से होता है। मुख्यमंत्री ने लोगों को गंदे पानी में नहाने या चेहरा धोने से बचने की सलाह दी है। केरल में लोगों को सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 26 और 27 अप्रैल को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। वहीं, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तटीय कर्नाटक में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी। पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों जैसे बिहार और झारखंड में 26 अप्रैल के बाद मौसम में बदलाव की उम्मीद है, जहां गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
इस बीच, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की एक नई रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ‘अल-नीनो’ की स्थितियां मई के महीने में ही विकसित हो सकती हैं, जिसका मानसून पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। अगर ऐसा होता है, तो इस साल सामान्य से कम बारिश हो सकती है, जो पहले से ही गर्मी की मार झेल रहे कृषि क्षेत्र और आम लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगी। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस मौसम में हल्के सूती कपड़े पहनें, खुद को हाइड्रेटेड रखें और बहुत जरूरी न होने पर दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें।