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Manipur में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती, दंगाइयों को ‘देखते ही गोली मारने’ का आर्डर, अमित शाह ने की कई बैठकें

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Last Updated- May 05, 2023 | 12:54 PM IST
Situation tense after violence in Manipur, but under control
PTI

मणिपुर में सुरक्षाबलों की भारी मौजूदगी के बीच गुरुवार रात हिंसा की किसी ताजा घटना की सूचना नहीं मिली और शुक्रवार सुबह तनावपूर्ण शांति बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि हालांकि, मणिपुर के कई हिस्सों में सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ की खबरें हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, चुराचांदपुर जिले के कांगवई, पड़ोसी बिष्णुपुर जिले के पश्चिमी पहाड़ी इलाके फौगाकचाओ और इंफाल पूर्वी जिले के दोलाईथाबी और पुखाओ में मुठभेड़ की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि हालांकि, फिलहाल यह नहीं पता चल सका है कि दोनों पक्षों में कोई हताहत हुआ है या नहीं।

रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने एक बयान जारी कर कहा, “सभी हितधारकों की समन्वित कार्रवाई के जरिये स्थिति पर नियंत्रण हासिल कर लिया गया है। भारतीय वायु सेना ने सी17 ग्लोबमास्टर और एएन32 विमानों के जरिये असम की दो हवाई पट्टियों से उड़ान भरकर क्षेत्र में बचाव एवं निकासी अभियान चलाया।”

बयान के अनुसार, “प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती चार मई की रात को शुरू की गई। अतिरिक्त बलों ने पांच मई को तड़के ही नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम आरंभ कर दिया। प्रभावित क्षेत्रों से सभी समुदायों के नागरिकों की निकासी का काम गुरुवार को रात भर किया गया। चुराचांदपुर और अन्य संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च जारी है।”

एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि मणिपुर में सेना और असम राइफल्स के 55 ‘कॉलम’ तैनात किए गए हैं, जबकि नगालैंड से सड़क मार्ग से अतिरिक्त सैनिकों को बुलाया गया और वायु सेना के विमान भी असम के तेजपुर और गुवाहाटी से अतिरिक्त जवान लेकर रवाना हुए।

उन्होंने कहा कि उग्र भीड़ ने इंफाल शहर के न्यू चेकोन और चिंगमेइरोंग इलाकों में गुरुवार शाम दो शॉपिंग मॉल में तोड़फोड़ और आगजनी की थी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने सड़कों पर गश्त बढ़ा दी थी।

रक्षा अधिकारी ने बताया कि इंफाल और अन्य इलाकों में गुरुवार रात लोगों को बड़ी संख्या में इकट्ठा होते या अपने घरों से बाहर निकलते नहीं देखा गया, क्योंकि सड़कों पर गश्त तेज कर दी गई थी।

रक्षा अधिकारी के मुताबिक, उग्र भीड़ ने गुरुवार को थनलॉन के आदिवासी विधायक वंजागिन वाल्टे पर हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूत्रों ने कहा कि समुदायों के बीच हिंसा में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं। हालांकि, पुलिस फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।

मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में हिंसा

बता दें कि मणिपुर में बहुसंख्यक मेइती समुदाय द्वारा उसे अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर मेइती समुदाय के लोगों और आदिवासियों के बीच हिंसा भड़क गई है, जिससे दोनों समुदायों के 9,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं।

हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में कई प्रभावित लोग सुरक्षाबलों के शिविरों में शरण ले रहे हैं। मणिपुर सरकार ने हिंसा पर काबू पाने के लिए ‘देखते ही गोली मारने का’ आदेश दिया है।

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि यह हिंसा समाज में ‘गलतफहमी’ का नतीजा थी और उनका प्रशासन स्थिति पर नियंत्रण हासिल करने के लिए सभी उपाय कर रहा है।

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First Published - May 5, 2023 | 12:54 PM IST

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