facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

जीएसटी कार्रवाई पर हाईकोर्ट की सख्ती, पंजीकरण निलंबन और खाते कुर्की पर बढ़ी निगरानी

Advertisement

कानूनी विशेषज्ञों ने इंगित किया कि देश भर के कई उच्च न्यायालयों ने हालिया वर्षों में जीएसटी रद्द करने और प्रवर्तन कार्रवाइयों को रद्द कर दिया है।

Last Updated- March 17, 2026 | 10:00 PM IST
Gujarat High Court's decision, no GST on government land lease; Industry took a sigh of relief गुजरात हाई कोर्ट का फैसला, सरकारी भूमि पट्टे पर GST नहीं; उद्योग जगत ने ली राहत की सांस

उच्च न्यायालय माल एवं सेवा कर (GST) प्रवर्तन के लिए पंजीकरण निलंबन और बैंक खाता कुर्क करने जैसे कड़े उपायों पर अपनी निगरानी बढ़ा रहे हैं। कर विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रवृत्ति अधिकारियों को प्रक्रियात्मक अनुशासन की ओर प्रेरित कर सकती है। बंबई उच्च न्यायालय का बॉयो-केम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड मामले में हालिया आदेश इसी व्यापक न्यायिक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।

न्यायालय ने 11 मार्च को अधिकारियों के लिए निर्देश जारी किया था। दरअसल, सरकार ने पीठ को सूचित किया था कि निलंबन वापस ले लिया जाएगा और आगे की कार्रवाई उचित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। इसमें कारण बताओ नोटिस पर सुनवाई भी शामिल है। लिहाजा उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को कंपनी का जीएसटी पंजीकरण बहाल करने का निर्देश दिया गया था।

न्यायालय ने यह भी कहा कि वसूली नोटिस पर तब तक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए जब तक कि कानूनी प्रक्रिया का पालन न किया जाए। कानूनी विशेषज्ञों ने इंगित किया कि देश भर के कई उच्च न्यायालयों ने हालिया वर्षों में जीएसटी रद्द करने और प्रवर्तन कार्रवाइयों को रद्द कर दिया है।

दरअसल उच्च न्यायालयों ने अधिकारियों के जारी अस्पष्ट नोटिस, उचित सुनवाई प्रदान करने में विफल रहना या अस्पष्ट आदेश पारित करने आदि के कारण इन कार्रवाइयों को रद्द कर दिया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 27 फरवरी को व्यक्तिगत सुनवाई से इनकार करने और अस्पष्ट आदेश पारित करने के कारण जीएसटी पंजीकरण रद्द करने के आदेश को निरस्त कर दिया।

Advertisement
First Published - March 17, 2026 | 9:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement