पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार सुबह 152 सीटों पर मतदान शुरू हो गया है। सुबह सात बजे से ही दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी से लेकर मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली तक के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। राज्य की कुल 294 सीटों में से आधे से ज्यादा सीटों पर पहले चरण में वोट डाले जा रहे हैं, जिसे भाजपा के लिए बढ़त बनाने का बड़ा मौका और तृणमूल कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी की अहम परीक्षा माना जा रहा है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार इस चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जिनमें करीब 1.75 करोड़ महिलाएं और 465 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2,450 कंपनियां यानी करीब 2.5 लाख जवान तैनात किए गए हैं, जबकि 8,000 से अधिक मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार, बीरभूम और पूर्व बर्धमान जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
राजनीतिक रूप से यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटें शामिल हैं। यही क्षेत्र 2019 लोकसभा और 2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा के मजबूत प्रदर्शन का आधार रहा था। 2021 में इन 152 सीटों में से भाजपा ने 59 सीटें जीती थीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 93 सीटों पर जीत मिली थी। ऐसे में भाजपा के लिए यहां प्रदर्शन दोहराना जरूरी है, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी के लिए इसे रोकना बड़ी चुनौती है।
इस बार चुनाव मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद हो रहे हैं, जिसमें करीब 91 लाख नाम हटाए गए हैं। इससे चुनावी माहौल में अनिश्चितता भी बढ़ी है। पहले चरण में कई बड़े चेहरे मैदान में हैं, जिनमें नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी, माथाभांगा से निशीथ प्रमाणिक, दिनहाटा से उदयन गुहा, सिलीगुड़ी से गौतम देव और बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी शामिल हैं। राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
वहीं तमिलनाडु में भी सभी विधानसभा सीटों पर मतदान शुरू हो गया है और वहां भी वोटिंग को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने खास तौर पर युवाओं और महिलाओं से लोकतंत्र के इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हर नागरिक को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।