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प्रयागराज में उमड़ी भीड़ को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने ‘सिंहस्थ महाकुंभ’ की शुरू की तैयारियां, 2027 में नासिक में होगा आयोजन

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प्रयागराज के बाद अगला कुंभ नासिक में गोदावरी नदी के तट पर लगेगा, जिसे सिंहस्थ महाकुंभ के नाम से जाना जाता है।

Last Updated- February 07, 2025 | 5:36 PM IST
महाराष्ट्र इको ग्लैम्पिंग महोत्सव

प्रयागराज में गंगा, युमना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र तट पर चल रहे महाकुंभ मेला में करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। प्रयागराज के बाद अगला महाकुंभ नासिक में गोदावरी नदी के तट पर 2027 में लगेगा। प्रयागराज में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार नासिक महाकुंभ की तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। महाराष्ट्र पर्यटन विभाग ने पहली बार इको ग्लैम्पिंग महोत्सव का आयोजन करने जा रहा है जिसे कुंभ मेले की तैयारियों का पूर्व अभ्यास करार दिया जा रहा है।

कुंभ मेला हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और सबसे पवित्र मेला है, जो कि हर 12 साल में एक विशेष जगह पर लगता है। इसका आयोजन विशेष रूप से चार प्रमुख स्थानों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में होता है। प्रयागराज के बाद अगला कुंभ नासिक में गोदावरी नदी के तट पर लगेगा, जिसे सिंहस्थ महाकुंभ के नाम से जाना जाता है। यहां पिछली बार 2015 में जुलाई से सितंबर तक कुंभ मेला लगा था। सिंहस्थ महाकुंभ मेला 2027 की तैयारियां शुरु हो गई हैं और राज्य की सभी एजेंसियों को योजना तैयार करने को कहा गया है ।

‘त्र्यंबकेश्वर का धार्मिक केंद्र के रूप में होगा विकास’

पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया कि महाराष्ट्र में पहली बार पर्यटन विभाग ने 31 मार्च 2025 तक नासिक जिले के गंगापुर में महाराष्ट्र इको ग्लैम्पिंग महोत्सव का आयोजन किया है। यह ग्लैम्पिंग फेस्टिवल कुंभ मेले की तैयारियों का हिस्सा है। नासिक-त्र्यंबकेश्वर में 2027 में अगस्त से नवंबर तक आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले में देशभर की धार्मिक परंपराओं का प्रदर्शन होगा। इस कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में नासिक में प्रायोगिक तौर पर इस उत्सव की तैयारियां चल रही हैं। आगामी कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नासिक के त्र्यंबकेश्वर को धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की मंशा रखते हैं। पर्यटन निदेशालय तीर्थ पर्यटन के माध्यम से नासिक को एक आधुनिक शहर बनाने के लिए अधिक से अधिक प्रयास करेगा।

यह महोत्सव आगंतुकों को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक कलाओं का अनुभव करने और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर प्रदान करेगा। विभिन्न कार्यशालाओं के माध्यम से राज्य की समृद्ध विरासत को समझने का अवसर भी मिलेगा। इस महोत्सव का उद्देश्य आरामदायक और स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देना है।

नासिक नगर निगम (एनएमसी) के अधिकारियों को 2027 में नासिक में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले से संबंधित योजनाओं की पुष्टि करने का सुझाव दिया गया। नगर निगम ने कुंभ मेले पर  भविष्य में कई गतिविधियों के लिए आंतरिक और बाहरी पार्किंग स्थल विकसित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा एनएमसी 300 किलोमीटर से अधिक लंबी नई सड़कें बनाने की भी योजना बना रही है। एनएमसी में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का बजट करीब 6,000 करोड़ रुपये है। इस राशि में भूमि अधिग्रहण लागत भी शामिल है, जिसके लिए राज्य सरकार को धन मुहैया कराना होगा।

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First Published - February 7, 2025 | 5:15 PM IST

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