facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत-बांग्लादेश के प्रधानमंत्री 18 मार्च को करेंगे पहली सीमापार तेल पाइपलाइन का उद्घाटन

Advertisement
Last Updated- March 10, 2023 | 5:21 PM IST
Prime Minister Narendra Modi

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की उनकी समकक्ष शेख हसीना दोनों देशों के बीच पहली सीमापार तेल पाइपलाइन का संयुक्त रूप से 18 मार्च को उद्घाटन करेंगे। दोनों नेता वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पाइपलाइन का उद्घाटन करेंगे।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमेन ने बताया कि इस पाइपलाइन के माध्यम से यहां डीजल लाया जाएगा। बांग्लादेश की आधिकारिक समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार मोमेन ने एक संवाददाता सम्मेलन में गुरुवार को कहा, ‘दोनों नेता 18 मार्च को (वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से) पाइपलाइन का उद्घाटन करेंगे।’

रिपोर्ट में बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि 130 किलोमीटर लंबे भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन (आईबीएफपी) का उपयोग करके भारत बांग्लादेश को डीजल का निर्यात करेगा। भारत की ऋण सहायता से इस पाइपलाइन को लगभग 3.46 अरब रुपये में तैयार किया गया है।

मोमेन ने कहा, ‘यह अच्छी खबर है कि भारत हमें डीजल देगा। पाइपलाइन तैयार हो गई है।’ समाचार पोर्टल बीडीन्यूज के अनुसार, भारत से पाइपलाइन के माध्यम से डीजल आयात करने के लिए 2017 में एक दीर्घावधि समझौता हुआ था।

यह पाइपलाइन पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से दिनाजपुर के पार्वतीपुर में मेघना पेट्रोलियम डिपो तक गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि मार्च 2020 में शुरू हुई द्विपक्षीय परियोजना को पहले जून, 2022 तक पूरा होना था, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसमें देरी हुई।

Advertisement
First Published - March 10, 2023 | 5:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement