facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

स्टार्टअप इकोसिस्टम का केंद्र बना भारत : अनुराग ठाकुर

Advertisement
Last Updated- February 05, 2023 | 9:15 AM IST
anurag thakur

केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने भारत को स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि भारत 30 अरब डॉलर के 90,000 स्टार्टअप और 107 यूनिकॉर्न कंपनियों के साथ स्टार्टअप के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ठाकुर शनिवार को जम्मू विश्वविद्यालय में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) के तत्वावधान में आयोजित 36वें इंटर-यूनिवर्सिटी नॉर्थ जोन यूथ फेस्टिवल (अंतर्नाद) के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब टीकों, मोबाइल फोन और रक्षा उपकरणों का सबसे बड़ा निर्यातक भी बन गया है। सप्ताह भर चले इस उत्सव में देशभर के 18 विश्वविद्यालयों के 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

ठाकुर ने कहा, “भारत अब दुनिया में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का केंद्र है। 30 अरब डॉलर के 90,000 स्टार्टअप और 107 यूनिकॉर्न कंपनियों के साथ वह स्टार्टअप के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जो देश के युवाओं के योगदान के कारण ही मुमकिन हो पाया है।”

उन्होंने कहा कि सतत विकास की खातिर हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए स्थायी निवेश की जरूरत है, ताकि हरित रोजगार सृजित हो सकें।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “इस बाबत भारत अगले पांच वर्षों में आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ 50 लाख मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन कर इसका वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है, जो दुनिया का 10 प्रतिशत है। इससे देश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर हरित रोजगार पैदा होंगे।”

Advertisement
First Published - February 5, 2023 | 9:15 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement