भारत की ऊर्जा सुरक्षा, खास तौर पर पश्चिम एशिया में लड़ाई की वजह से रसोई गैस और उर्वरकों की बढ़ती कमी पर चिंता के बीच केंद्र सरकार ईरान के साथ बातचीत कर रही है ताकि भारतीय झंडे वाले मालवाहक पोतों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने दिया जाए। होर्मुज इलाके में करीब 28 पोत फंसे हैं। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।
इस तरह के प्रयास के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हुई है। जायसवाल ने कहा, ‘पिछली बार (मंगलवार को) पोतों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात हुई थी।’
भारत के झंडे वाले दो पोतों के होर्मुज से गुजरने की खबर के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और इस बारे में पोत परिवहन मंत्रालय बता सकता है।
हालांकि ईरानी दूतावास ने इस बात से इनकार किया है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय झंडे वाले जहाजों को जाने की इजाजत दी है। तेहरान में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने बयान में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के दबाव का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खाड़ी के अरब पड़ोसियों पर ईरान के हमले जारी रहेंगे।
सूत्रों ने बताया कि ईरान ने पिछले कुछ दिनों में किसी भी भारतीय झंडे वाले वाणिज्यिक टैंकर को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी है। विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों ने कहा कि कुल 24 भारतीय झंडे वाले जहाज़ जिनमें 677 भारतीय नाविक हैं अभी होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में हैं और 101 नाविकों वाले चार जहाज होर्मुज के पूरब में हैं। भारत में करीब 30 फीसदी कच्चा तेल और 60 फीसदी गैस होर्मुज के जरिये आती है।
इस बीच सऊदी अरब और इराक से कुल 30 बैरल कच्चा तेल लेकर भारत आ रहे दो तेल टैंकर होर्मुज पार कर गए हैं। मैरीटाइम इंटेलिजेंस फर्म कैपलर के अनुसार लगभग 10 लाख बैरल सऊदी कच्चा तेल लेकर एक टैंकर मुंबई पोर्ट पर पहुंच गया है और 20 लाख बैरल लेकर आ रहे दूसरे टैंकर के जल्द ही भारतीय पोर्ट पर पहुंचने की उम्मीद है।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोक सभा में तेल-गैस संकट पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चिंताओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल और केरोसिन की कोई कमी नहीं है। एलपीजी उत्पादन में 28 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए।
पुरी ने कहा कि होर्मुज से इतर रास्तों के जरिये कच्चे तेल का आयात बढ़कर करीब 70 फीसदी हो गया है जो पहले 55 फीसदी था। उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलिंडर के मांग प्रबंधन उपाय के तौर पर शहरों में 25 दिन के न्यूनतम अंतराल पर बुकिंग की जा सकती है, वहीं ग्रामीण तथा दुर्गम क्षेत्रों में 45 दिन के बाद सिलिंडर की बुकिंग की जा सकती है।
एलपीजी के विकल्प के रूप में राज्यों को अतिरिक्त 40,000 किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि राज्य सरकारों द्वारा चिह्नित लाभार्थियों को कुछ और वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।