facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

भारत ने पिछले साढ़े नौ साल में कुल 92,000 किलोमीटर national highway बनाए: अनुराग जैन

आईआरएफ के एक कार्यक्रम में जैन ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) सहित नवीनतम तकनीकों के इस्तेमाल से मंत्रालय को योजना आधारित परिवहन मॉडल विकसित करने में मदद मिली है।

Last Updated- February 29, 2024 | 4:32 PM IST
Highway
Representative Image

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पिछले साढ़े नौ साल में लगभग 92,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए हैं। मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन ने बृहस्पतिवार यह जानकारी देते हुए कहा कि अगले महीने के अंत तक यह आंकड़ा 95,000 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा।

‘इंटरनेशनल रोड फेडरेशन’ (आईआरएफ) के एक कार्यक्रम में जैन ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) सहित नवीनतम तकनीकों के इस्तेमाल से मंत्रालय को योजना आधारित परिवहन मॉडल विकसित करने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि अगले 50 वर्षों के लिए बढ़ती आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उच्च गति वाले गलियारे बनाए जा रहे हैं। जैन ने यह भी कहा कि मंत्रालय ने देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अधिकांश ‘ब्लैक स्पॉट’ की पहचान की है और उनमें से अधिकांश को मार्च, 2025 के अंत तक ठीक कर दिया जाएगा।

आईआरएफ के अध्यक्ष अनौर बेनाजौस ने कहा कि बुनियादी ढांचा योजनाकारों, डिजाइनरों और ठेकेदारों की भूमिका तेजी से बदल रही है और उन्हें नई प्रौद्योगिकियों, डिजिटल साधनों तथा कुशल परिवहन प्रणाली (आईटीएस) को अपनाने की जरूरत है।

First Published - February 29, 2024 | 4:32 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट