facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत गरीब देशों की आवाज: पीएम मोदी

Advertisement

सीएसपीओसी सम्मेलन के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री ने कहा- भारत ने दिखाया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं विकास को ऊंचाई तक ले जा सकती हैं।

Last Updated- January 16, 2026 | 8:53 AM IST
Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत ने विविधता को अपने लोकतंत्र की ताकत बनाया है और दुनिया को दिखाया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं और प्रक्रियाएं उसके विकास को स्थिरता, गति तथा ऊंचाई प्रदान करते हैं। राष्ट्रमंडल देशों की संसद के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का उद्घाटन करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि भारत में लोकतंत्र सफल है, क्योंकि शासन के केंद्र में देश की जनता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र एक बड़े पेड़ की तरह है, जिसकी जड़ें गहरी हैं। मोदी ने कहा, ‘भारत में लोकतंत्र का मतलब है अंतिम पायदान तक सेवाओं की पहुंच।’ उन्होंने कहा कि जन कल्याण की भावना के साथ उठाए गए सरकार के कल्याणकारी कदम बिना भेदभाव के सभी लोगों तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा, ‘इस भावना की वजह से 25 करोड़ लोग पिछले कुछ साल में गरीबी से बाहर आए हैं।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जब भारत को आजादी मिली, तो कई लोगों को संदेह था कि देश की इतनी अधिक विविधता के बीच लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। हालांकि, यही विविधता भारतीय लोकतंत्र की शक्ति बन गई।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह भी संशय था कि लोकतंत्र ने जड़ें जमा भी लीं, तो भी भारत को आगे बढ़ने में मुश्किल होगी। इन संशयों के उलट, भारत ने दिखाया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं और प्रक्रियाएं उसके विकास को स्थिरता, गति और ऊंचाई प्रदान करते हैं।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है जहां यूपीआई के साथ सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली भी है। उन्होंने कहा कि भारत सबसे बड़ा वैक्सीन विनिर्माता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात निर्माता भी है और तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप तंत्र वाला देश है। मोदी ने कहा कि देश में तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार, चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क, तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क है। यह सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा धान उत्पादक देश भी है।

संविधान सदन (पुराने संसद भवन) के केंद्रीय कक्ष में 14 से 16 जनवरी तक आयोजित हो रहे सीएसपीओसी में 42 राष्ट्रमंडल देशों के 61 स्पीकर और पीठासीन अधिकारी भाग ले रहे हैं। चौथी बार भारत इस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। मोदी ने कहा कि राष्ट्रमंडल देशों की करीब 50 प्रतिशत आबादी भारत में रहती है, जिसने सभी देशों के विकास में हरसंभव योगदान का प्रयास लगातार किया है। उन्होंने कहा, ‘भारत अपने साझेदार देशों से सीखने का सतत प्रयास करता है और यह भी सुनिश्चित करता है कि भारत के अनुभवों का लाभ अन्य राष्ट्रमंडल देशों को भी मिले।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में बहस, संवाद और मिलकर फैसला लेने की लंबी परंपरा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हर वैश्विक मंच पर विकासशील देशों की चिंताओं को मजबूती से उठा रहा है। मोदी ने कहा, ‘अपनी जी20 की अध्यक्षता के दौरान भी, भारत ने गरीब देशों की प्राथमिकताओं को वैश्विक एजेंडे के केंद्र में रखा था।’

सम्मेलन में आज के कई संसदीय मुद्दों पर चर्चा हो रही है, जिनमें मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं को बनाकर रखने में अध्यक्ष (स्पीकर) और पीठासीन अधिकारी की भूमिका भी शामिल है। संसदीय कामकाज में एआई का इस्तेमाल, संसद सदस्यों पर सोशल मीडिया का असर, संसद के बारे में लोगों की समझ बढ़ाने के लिए नई रणनीति और मतदान के अलावा नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने आदि पर भी इस कॉन्फ्रेंस में चर्चा की जा रही है।

Advertisement
First Published - January 16, 2026 | 8:53 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement