facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत है निवेश के लिए अमेरिका के बाद सबसे पसंदीदा ठिकाना, विदेशी और घरेलू CEO आर्थिक वृद्धि में आशावादी

Advertisement

निवेश की योजना बना रहे सीईओ में से 35 प्रतिशत ने कहा कि वे अमेरिका में निवेश करना चाहेंगे, इसके बाद 13 प्रतिशत ने भारत, ब्रिटेन और जर्मनी को अपनी पसंद बताया

Last Updated- January 20, 2026 | 11:12 PM IST
Indian Economy

अंतरराष्ट्रीय निवेश की योजना बना रहे मुख्य कार्याधिकारियों की नजर में भारत दूसरा सबसे पसंदीदा गंतव्य है। पिछले साल भारत पांचवें स्थान पर था। इस मामले में अमेरिका पहली पसंद बना हुआ है। मंगलवार को जारी पीडब्ल्यूसी के 29वें वार्षिक ग्लोबल सीईओ सर्वे में यह सामने आया है।

निवेश की योजना बना रहे सीईओ में से 35 प्रतिशत ने कहा कि वे अमेरिका में निवेश करना चाहेंगे, इसके बाद 13 प्रतिशत ने भारत, ब्रिटेन और जर्मनी को अपनी पसंद बताया।

सर्वे से पता चलता है कि भारत के सीईओ देश की आर्थिक वृद्धि को लेकर विदेशी सीईओ की तुलना में ज्यादा आशावादी हैं। भारत के 77 प्रतिशत सीईओ ने आर्थिक वृद्धि को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है,जबकि 55 प्रतिशत वैश्विक दिग्गजों ने सकारात्मक रुख दिखाया। सर्वे में दिखाया गया है कि 57 प्रतिशत भारतीय सीईओ निकट भविष्य में राजस्व वृद्धि को लेकर आश्वस्त हैं, लेकिन उन्होंने अगले 12 महीनों में वृहद आर्थिक अस्थिरता और साइबर जोखिमों को प्रमुख चुनौती बताया है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2026 में 7,4 प्रतिशत बढ़ेगी, जो वित्त वर्ष 2025 के 6.5 प्रतिशत से ज्यादा है।

सर्वे में टाटा स्टील के सीईओ और प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने कहा, ‘हमारी ताकत हमारे घरेलू बाजार में निहित है। कई उद्योगों में केवल भारत में सेवा देकर वैश्विक स्तर पर संचालन की क्षमता बनाई जा सकती है। यह एक विशेष लाभ है, जो निर्यात पर निर्भर देशों को नहीं मिलता।’

नरेंद्रन ने कहा कि भारत को अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता तेज करने की जरूरत है। न सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं के मामले में बल्कि वैश्विक बाजारों में भी स्थिरता और अनुशासन हासिल करना होगा। सर्वे में पाया गया कि 66 प्रतिशत भारतीय सीईओ टेक्नालजी और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के साथ तालमेल बनाए रखने को लेकर चिंतित थे, वहीं केवल 36 प्रतिशत ने उत्पादों, सेवाओं और अनुभवों में कम से लेकर मध्यम सीमा तक एआई का उपयोग करने की जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि जिन्होंने कम से लेकर मध्यम सीमा तक व्यावसायिक कार्यों के लिए एआई लागू किया, उन्हें ठोस राजस्व लाभ हुआ है।

Advertisement
First Published - January 20, 2026 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement