facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

India-US Trade Deal: भारत घरेलू उत्पादों के लिए अमेरिका में तरजीही बाजार को इच्छुक- पीयूष गोयल

Advertisement

गोयल ने नई दिल्ली में सवांददाताओं से कहा, ''हमने उनके साथ मुक्त व्यापार समझौते को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। यह द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण है।''

Last Updated- April 20, 2026 | 7:08 PM IST
Commerce minister Piyush Goyal
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल | फाइल फोटो

India-US Trade Deal: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण की बातचीत के लिए वाशिंगटन में मौजूद भारतीय अधिकारियों का एक दल अमेरिका में घरेलू वस्तुओं के लिए तरजीही बाजार पहुंच से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करेगा।

अमेरिका में तरजीही बाजार को इच्छुक

गोयल ने नई दिल्ली में सवांददाताओं से कहा, ”हमने उनके साथ मुक्त व्यापार समझौते को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। यह द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण है।” उन्होंने आगे कहा, ”हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह कौन सी प्रणाली हो सकती है जिसके द्वारा भारत को अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अमेरिकी बाजार में तरजीही बाजार पहुंच मिल सके।” गोयल ने कहा कि भारतीय टीम वाशिंगटन में रहते हुए इन पहलुओं पर चर्चा करेगी।

अमेरिकी अधिकारियों के साथ तीन दिवसीय व्यापार वार्ता के लिए भारतीय अधिकारियों का एक दल वाशिंगटन में हैं। चूंकि अमेरिका में टैरिफ का माहौल बदल गया है, इसलिए दोनों पक्ष समझौते की रूपरेखा पर फिर से विचार करना चाहेंगे। समझौते की रूपरेखा पर सात फरवरी को संयुक्त बयान जारी किया गया था।

Also Read: RBI ने रुपये से जुड़े कुछ डेरिवेटिव ट्रेड्स पर आंशिक रूप से हटाई पाबंदियां

अमेरिका को घटाना पड़ा था टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों पर लगाए गए व्यापक टैरिफ के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, ट्रंप प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया था। उस रूपरेखा के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने पर सहमति जताई थी। उसने रूसी तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले 25 फीसदी टैरिफ को हटा दिया था और बाकी टैरिफ में कटौती करने वाला था।

टैरिफ बदलाव के चलते टल गई थी वार्ता

समझौते के तहत 25 फीसदी से 18 फीसदी तक की दरें तय की गई थीं। लेकिन 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए जवाबी टैरिफ के खिलाफ फैसला सुनाया। इसके बाद, राष्ट्रपति ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की। इन बदलावों के मद्देनजर, भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों की फरवरी में होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई। उसके बाद वे अब वाशिंगटन में मिल रहे हैं।

(PTI इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - April 20, 2026 | 7:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement