facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

2047 तक बायोटेक में भारत को ग्लोबल लीडर बनाना जरूरी: किरण मजूमदार शॉ

Advertisement

उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य देश को वैश्विक मानकों पर अपने स्वयं के आविष्कारों की कल्पना करने, डिजाइन बनाने, इंजीनियरिंग, विनिर्माण और विनियमन करने के वास्ते सशक्त करेगा

Last Updated- November 18, 2025 | 9:53 PM IST
biotechnology
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत को 2047 तक जैव प्रौद्योगिकी में वर्चस्व हासिल करने पर जोर देना चाहिए। यह बात बेंगलूरु प्रौद्योगिकी सम्मेलन के दौरान बायोकॉन की कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने कही है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य देश को वैश्विक मानकों पर अपने स्वयं के आविष्कारों की कल्पना करने, डिजाइन बनाने, इंजीनियरिंग, विनिर्माण और विनियमन करने के वास्ते सशक्त करेगा।

भारतीय जैव प्रौद्योगिकी की आगे की रणनीति पर मजूमदार शॉ ने भारत की जैव अर्थव्यवस्था के तेजी से हो रही वृद्धि पर प्रकाश डाला। यह 2014 में मात्र 10 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में 165 अरब डॉलर हो गई है और 2030 तक इसके 330 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इस गति को बरकरार रखने और इसकी पूरी क्षमता को भुनाने के वास्ते हमें एक बड़ी छलांग की दरकार है।

आगे का रास्ता बायो ई-3 ढांचे को गति देने पर टिका है। यह एक राष्ट्रीय दृष्टिकोण है, जो जैव-अर्थव्यवस्था, जैव-पर्यावरण और जैव-रोजगार को एक साथ लाता है। इसमें उन्नत जैव-विनिर्माण को बढ़ावा देना शामिल है ताकि भारत को बायोसिमिलर, कॉम्प्लेक्स जेनेरिक, स्मार्ट प्रोटीन, टीके, औद्योगिक जैव-प्रौद्योगिकी और सिंथेटिक जीव विज्ञान के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित किया जा सके। इस पैमाने को हासिल करने के वास्ते मजूमदार शॉ ने बुनियादी ढांचे में भारी भरकम निवेश करने पर जोर दिया।

Advertisement
First Published - November 18, 2025 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement