facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत को 2070 तक नेट जीरो हासिल करने के लिए 10 लाख करोड़ डॉलर के निवेश की जरूरत: भूपेंद्र यादव

Advertisement

पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा विकसित देशों की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने में विकासशील राष्ट्रों की मदद करें

Last Updated- September 11, 2025 | 10:53 PM IST
Bhupendra Yadav
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव | फाइल फोटो

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि भारत को नेट-जीरो का अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए 2070 तक 10 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा निवेश करना होगा। उन्होंने कहा कि और इसके लिए पर्यावरण के अनुकूल  निवेश में भरोसा पैदा करना होगा।

नई दिल्ली में आज उद्योग के एक कार्यक्रम में यादव ने कहा कि सॉवरिन ग्रीन बॉन्ड में दुनिया भर के निवेशकों ने जमकर भरोसा दिखाया है और बाजार नियामक पर्यावरण के अनुकूल साधनों में जवाबदेही तथा विश्वसनीयता सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत धन के लिए ऐसे मिले-जुले तरीकों को बढ़ावा दे रहा है, जिनमें सार्वजनिक धन का इस्तेमाल अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, इलेक्ट्रिक वाहन, कचरे से कमाई और प्रकृति पर आधारित समाधानों में निजी निवेश को बढ़ावा देने एवं जोखिम मुक्त करने के लिए किया जाता है। भारत को नेट जीरो के अपने महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने के लिए 2070 तक 10 लाख करोड़ डॉलर से अधिक की जरूरत होगी। इसलिए ये तरीके जरूरी हैं।’

यादव ने देश के जलवायु संबंधी प्रयासों के लिए तीन मुख्य सिद्धांत भी तय किए। पहला, जलवायु के लिए धन को विकास के लिए धन से अलग नहीं किया जा सकता। दूसरा, स्वच्छ ऊर्जा, दक्ष शहर, जलवायु के अनुकूल खेती और मजबूत बुनियादी ढांचा राष्ट्रीय सुरक्षा एवं उद्योग में आगे निकलने के लिए बुनियाद हैं। तीसरा, जो देश हरित निवेश जुटा लेगा उसी का भविष्य में उद्योग की मूल्य श्रृंखलाओं पर दबदबा होगा।

उन्होंने कहा कि विकसित देशों की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने में विकासशील राष्ट्रों की मदद करें।

Advertisement
First Published - September 11, 2025 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement