प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक की दहलीज पर है, क्योंकि संसद उस समय नया इतिहास रचेगी जब 2029 से महिला आरक्षण अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए इस सप्ताह इसमें संशोधन किया जाएगा। मोदी ने 16 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के तीन दिवसीय सत्र से पहले नई दिल्ली में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में कहा कि इस कानून के लागू होने से अतीत की परिकल्पनाएं साकार होंगी और भविष्य के संकल्प पूरे होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित सम्मेलन में कहा, ‘सभी राजनीतिक दलों और पीढि़यों के बीच दशकों लंबे विचार-विमर्श के बाद महिलाओं के लिए लोक सभा और विधान सभाओं में आरक्षण का प्रावधान हुआ है। आज हमारे देश की संसद एक ऐसा इतिहास रचने के करीब है, जो अतीत की परिकल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि जब 2023 में यह कानून पेश किया गया था तब इसे सभी दलों की सर्वसम्मति से पारित किया गया था और इसे 2029 तक लागू करने की विशेष रूप से विपक्ष की ओर से सामूहिक मांग उठी थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों की विधान सभाओं से लेकर देश की संसद तक, दशकों के इंतजार को समाप्त करने का समय 16, 17 और 18 अप्रैल है, जब संशोधनों पर विचार करने और उन्हें पारित करने के लिए विस्तारित बजट सत्र निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘वर्ष 2023 में नई संसद में हमने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के रूप में पहला कदम उठाया था। आज फिर भारत 21वीं सदी के सबसे महत्त्वपूर्ण निर्णयों में से एक की दहलीज पर खड़ा है।’ मोदी ने कहा, ‘मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि यह फैसला नारी शक्ति एवं नारी सम्मान के प्रति सच्चे आदर का प्रतीक होगा।’
संसद ने सितंबर 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण कानून के नाम से जाना जाता है। यह लोक सभा और राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।
इसे 2029 के लोक सभा चुनाव से लागू करने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में बदलाव जरूरी है। इसी वजह से सरकार ने कानून में संशोधन पारित कराने के लिए बजट सत्र की अवधि का विस्तार किया गया है। महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधन पारित होने के बाद लोक सभा की सीटों की संख्या 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
(साथ में एजेंसियां)