भारत में बिजली की मांग शनिवार को रिकॉर्ड 256 गीगावॉट (जीडब्ल्यू) पर पहुंच गई। देश के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की खपत में अचानक से वृद्धि होने के कारण घरों और कार्यालय परिसरों को ठंडा रखने के कारण बिजली की मांग बढ़ गई है। इससे पहले शुक्रवार को 252 गीगावॉट बिजली का रिकॉर्ड बना था।
ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया के नए आंकड़ों से पता चलता है कि ग्रिड द्वारा पूरी की गई बिजली की मांग शनिवार 25 अप्रैल को दोपहर 3:38 बजे 256.11 गीगावॉट के शिखर पर पहुंच गई, जो शुक्रवार, 24 अप्रैल को दर्ज किए गए 252.11 गीगावॉट से अधिक है। यह मुख्य रूप से विभिन्न उपभोक्ता क्षेत्रों में एयर कंडीशनर के बढ़ते उपयोग के कारण हुई। इससे पहले बिजली की रिकॉर्ड मांग 30 मई, 2024 को 249 गीगावॉट दर्ज की गई थी।
शनिवार को बिजली की सबसे अधिक मांग वाले राज्यों में महाराष्ट्र (31,721 मेगावॉट), उत्तर प्रदेश (26,032 मेगावॉट), गुजरात (25,360 मेगावॉट), तमिलनाडु (20,913 मेगावॉट), कर्नाटक (17,621 मेगावॉट) और मध्य प्रदेश (14,075 मेगावॉट) हैं। बिजली मंत्रालय ने भीषण गर्मी के चलते इस साल बिजली की अधिकतम मांग 271 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।
भारत के मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में आने वाले महीनों के दौरान लू चलने की आशंका जताई है। इससे आने वाले महीनों में मांग में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
बिजली मंत्रालय ने पिछले साल अधिकतम मांग का अनुमान 270 गीगावॉट लगाया था, लेकिन जून में मांग 242 गीगावॉट तक पहुंच गई थी। इस वर्ष भीषण ठंड के कारण जनवरी में ही मांग 245 गीगावॉट के पार पहुंच गई थी। मौसम विभाग ने शनिवार को लू की चेतावनी जारी की थी। इसका कारण यह था कि तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था और आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई गई थी।