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UNSC के विस्तार पर भारत का जोर, जयशंकर ने सुधारों की उठाई मांग

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भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का प्रबल दावेदार रहा है।

Last Updated- May 15, 2026 | 1:59 PM IST
S. Jaishankar
Representational Image

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बड़े बदलाव और उसके विस्तार की मांग फिर जोर से उठाई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र में सुधार नहीं किए गए, तो उसकी विश्वसनीयता और प्रभाव लगातार कमजोर होते जाएंगे।  नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में जयशंकर ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है। आज दुनिया पहले से ज्यादा जुड़ी हुई, जटिल और कई शक्तियों वाली हो चुकी है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाएं अब भी पुराने ढांचे पर चल रही हैं।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की संख्या और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा परिषद अब भी पुराने समय की व्यवस्था को दर्शाती है। इसलिए इसमें स्थायी और अस्थायी दोनों तरह की सीटों का विस्तार जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका को बेहतर प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

स्थायी सदस्यता का प्रबल दावेदार है भारत

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का प्रबल दावेदार रहा है। जयशंकर ने कहा कि अब इस मुद्दे पर गंभीर बातचीत शुरू करने का समय आ गया है। उन्होंने याद दिलाया कि ब्रिक्स देशों ने भी पहले इस पर सहमति जताई है, लेकिन अब केवल चर्चा नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

जयशंकर ने यह भी कहा कि सिर्फ संयुक्त राष्ट्र ही नहीं, बल्कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली में भी सुधार जरूरी है। उनके मुताबिक दुनिया आज सप्लाई चेन संकट, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, इसलिए वैश्विक संस्थाओं को नई परिस्थितियों के हिसाब से बदलना होगा।

उन्होंने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (WTO) को मजबूत करना जरूरी है ताकि वैश्विक व्यापार निष्पक्ष और सभी देशों के लिए समान अवसर वाला बन सके। साथ ही विकासशील देशों की चिंताओं को भी गंभीरता से शामिल किया जाना चाहिए।

पीटीआई इनपुट के साथ 

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First Published - May 15, 2026 | 1:59 PM IST

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