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भारत ने IPEF के स्वच्छ, निष्पक्ष अर्थव्यवस्था समझौतों पर हस्ताक्षर किए

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वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में कहा कि इन समझौतों से स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु अनुकूल प्रौद्योगिकियों के विकास, पहुंच और तैनाती में मदद मिलेगी।

Last Updated- September 22, 2024 | 2:14 PM IST
IPEF
Representative Image

भारत ने रविवार को स्वच्छ एवं निष्पक्ष अर्थव्यवस्था के लिए 14 सदस्यीय आईपीईएफ (समृद्धि के लिए भारत-प्रशांत आर्थिक ढांचा) ब्लॉक के समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में कहा कि इन समझौतों से स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु अनुकूल प्रौद्योगिकियों के विकास, पहुंच और तैनाती में मदद मिलेगी।

साथ ही इन क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और भ्रष्टाचार विरोधी तथा कर पारदर्शिता जैसे उपायों को मजबूत किया जा सकेगा। सिंगापुर में जून में आईपीईएफ ब्लॉक के 13 सदस्यों ने इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे, जबकि भारत ने कहा था कि वह घरेलू मंजूरी मिलने के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर करेगा।

बयान में कहा गया, ‘‘भारत ने 21 सितंबर को अमेरिका के डेलावेयर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में स्वच्छ अर्थव्यवस्था, निष्पक्ष अर्थव्यवस्था और समृद्धि के लिए आईपीईएफ समग्र व्यवस्था पर केंद्रित समझौतों पर हस्ताक्षर किए।’’

प्रधानमंत्री क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका की तीन दिन की यात्रा पर हैं। स्वच्छ अर्थव्यवस्था पर समझौते का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, जीएचजी (ग्रीनहाउस गैस) उत्सर्जन में कमी, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना, तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना, क्षमता निर्माण के साथ ही स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु-अनुकूल प्रौद्योगिकियों के विकास की दिशा में आईपीईएफ भागीदारों के प्रयासों को तेज करना है।

इसके अलावा, निष्पक्ष अर्थव्यवस्था पर समझौते का उद्देश्य अधिक पारदर्शी और स्थिर कारोबारी माहौल बनाना है, ताकि सदस्य देशों के बाजारों में अधिक कारोबार और निवेश को बढ़ावा मिल सके।

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First Published - September 22, 2024 | 2:14 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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